
मंडी में किसानों के हक पर हर रोज दो लाख का डाका
एटा। मंडी में किसानों के हक पर रोजाना दो लाख रुपये का डाका डाला जा रहा है। उनकी फसल उत्पाद के नकद भुगतान पर आढ़ती एक प्रतिशत की मनमानी कटौती कर रहे हैं। मंडी में खुलेआम यह कटौती की जा रही है। इसके बावजूद मंडी प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है और किसानों का शोषण हो रहा है।
नवीन मंडी में एटा के अलावा दूसरे जनपदों से भी काफी संख्या में किसान अपनी मक्का, मूंगफली आदि की बिक्री करने के लिए पहुंच रहे हैं। यहां लगभग तीन हजार किसान रोज आ रहे हैं। इन किसानों से फसल बिक्री की कुल धनराशि पर एक प्रतिशत की अतिरिक्त कटौती आढ़ती कर रहे हैं। नकद भुगतान लेने पर यह कटौती की जा रही है। अगर कोई किसान कटौती का विरोध करता है, तो उसे 20 दिन बाद रुपये लेने के लिए कह दिया जाता है। किसानों को खाली पड़े खेतों में बुवाई और पिछली लागत की बकाएदारी चुकाने के लिए रुपयों की जरूरत है। ऐसे में मजबूरन अपने हक की कमाई में से एक प्रतिशत की कटौती करानी पड़ रही है।
मंडी में चार करोड़ का प्रतिदिन हो रहा व्यापार
मंडी प्रशासन के अनुसार यहां प्रतिदिन करीब चार करोड़ रुपये का व्यापार हो रहा है। प्रतिदिन दस हजार क्विंटल के लगभग मूंगफली, मक्का, मूंग आ रही है। अगर आधे किसान भी नकद भुगतान प्राप्त करते हैं तो रोजाना दो लाख रुपये आढ़ती अवैध रूप से कमा रहे हैं।