प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान : एक साल में 8,562 महिलाओं को मिला लाभ
एटा,

गर्भवती की व्यापक और गुणवत्ता युक्त प्रसव पूर्व देखभाल करने के उद्देश्य से चलाई जा रही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान योजना के तहत वर्ष 2021-22 में 8,562 महिलाओं की जांच की गई। योजना के तहत हर माह की नौ तारीख को गर्भवती की नि:शुल्क प्रसव पूर्व जांच की जाती है ।
नोडल अधिकारी – आरसीएच डॉ सुधीर कुमार ने बताया कि जिला महिला अस्पताल समेत 11 स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जाता है । उन्होंने बताया कि गर्भवती के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान योजना का उद्देश्य विभिन्न जांच के माध्यम से माता एवं शिशु के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है। प्रसव के दौरान होने वाली किसी भी जटिलता को दूर करके मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। इसके लिए प्रत्येक माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन किया जाता है।
सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि योजना के अंतर्गत द्वितीय व तृतीय तिमाही वाली गर्भवती महिलाओं की एमबीबीएस चिकित्सक अथवा महिला रोग विशेषज्ञ की देखरेख में निशुल्क जांच की जाती हैं। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में कुल 8,562 महिलाओं को योजना के अंतर्गत लाभ मिला।
डॉ त्रिपाठी ने कहा – योजना के तहत ब्लडग्रुप, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, वजन, यूरिन, एचआईवी ,सिफलिस आदि जांच तथा अल्ट्रासाउंड के साथ अन्य जांच निशुल्क की जाती हैं। इसके साथ ही उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) वाली महिलाओं को आयरन सूक्रोज इंजेक्शन लगाकर आयरन फोलिक एसिड व कैल्शियम की गोली वितरित की जाती हैं।
जिला मातृ स्वास्थ्य सलाहकार ताहिरा अल्वी ने बताया कि वर्ष 2020-21 में कुल 8,383 महिलाओं को योजना के तहत लाभ प्राप्त हुआ था। इस वर्ष 2021-22 में यह संख्या बढ़कर 8,562 हो गई।एवं वर्ष 2020-21 में 1105 हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाएं चिन्हित की गई थी। वर्ष 2021 -22 में यह संख्या घटकर 915 हो गई।