
गर्मी से बौखलाए कुत्ता-बंदर, लोगों को बना रहे ‘शिकार
एटा – बढ़ती गर्मी का असर बंदर, कुत्तों पर होने लगा है। गर्मी की वजह से परेशान जानवर आदमियों को अपना ‘शिकार बना रहे हैं। बंदर, कुत्तों के काटने से प्रतिदिन 200 से 250 लोग मेडिकल कालेज में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। कक्ष के सामने एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने को लोगों की लाइन लगी रहती है।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की आयुष विंग के आयुर्वेद ओपीडी में कुत्ता-बंदर काटे लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया जाता है। उसके लिए आने वाले लोगों के पर्चे पर डा. नवीन गुप्ता अपनी सहमति देते हैं। उसके बाद पास के कक्ष में बंदर, कुत्ता के कटाने के बाद आए लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। कक्ष के सामने प्रतिदिन महिला-पुरुष, युवक-युवती, किशोर, बच्चों की लाइन लगी रहती है। एआरवी लगाए जाने के लिए लोगों को दो पर्चे बनवाने होते हैं। उसके बाद ही चिकित्सक की परामर्श पर वैक्सीन लगती है।
डा. नवीन गुप्ता ने बताया कि कुत्ता, बंदर काटे का कोई इलाज नहीं है। इसलिए लोग कुत्ता काटने के बाद असर होने के डर से एआरवी लगवाने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों की संख्या बढ़ने लगी है। उससे लगता है कि जानवरों पर भी गर्मी का असर होने लगा है। बौखलाकर वह लोगों को शिकार बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुत्ता काटने के बाद जानवर के दांत में इन्फेक्शन हो जाता है। इसलिए लोगों को कुत्ता-बंदर के काटने पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवा लेना चाहिए। एआरवी लगाने वाले फार्मासिस्ट रवि यादव ने बताया कि प्रतिदिन 200 से 250 लोग आ रहे हैं। सभी को चिकित्सीय परामर्श के बाद एआरवी लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भी स्टोर में 600 डोज एआरवी की उपलब्ध है।