ग्राम प्रधान पर ग्रामीणों ने लगाए बड़े आरोप

एटा/जलेसर- मामला ग्राम पंचायत शाहनगर टिमरूआ का है, जहाँ की महिला ग्राम प्रधान सरकारी सम्पत्ति का निजीकरण कर अपने चहेतों को दे रही सौगात। ग्रामीणों का आरोप है कि जहाँ लोग बूँद-बूँद पानी को भटक रहे हैं वहीं मानकों के विरुद्ध दूसरी तरफ 5-5 मीटर की दूरी पर लगे तीन-तीन सरकारी हैंडपम्प खोल रहे भ्रष्टाचार की पोल। ग्राम पंचायत में छोटे बड़े 11 गाँव आते हैं उसमें से ही नगला श्रीकृष्ण में जिन रोड़ों को एक वर्ष पूर्व पक्का कराया था उसी को दुबारा से इंटरलॉकिंग की रेलम-पेल में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। कुछ ग्रामीणों के अनुसार बताया गया है कि जिस गाँव शाहनगर टिमरूआ में पीने योग्य मीठा पानी उपलब्ध है वहाँ पर घर-घर टंकी फिटिंग कराकर सरकारी धन खुलेआम ऐंठा जा रहा है।
मजदूरों के अनुसार मनरेगा योजना के तहत भी खुलेआम बारे-न्यारे कर मजदूरों को ठेंगा दिखाया जा रहा है मजदूरों ने बताया है कि हम लोगों के मनरेगा कार्ड तो बने हैं परंतु कभी भी काम नहीं मिलता है वल्कि महिला प्रधान के गुर्गे डरा धमका कर जबरन अँगूठा लगवाकर प्रतिमाह रुपये निकाल लेते हैं जिससे हम लोगों का काफी शोषण हो रहा है।