
#एटापुलिसप्रशासन
पुलिस की जानकारी के बाद अगर कोई घटना हो जाए तो जिम्मेदार कौन होगा—
एक तरफ सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिये ऐलर्ट है,तो दूसरी तरफ पुलिस अपनी पुरानी कार्य प्रणाली से बाहर ही नहीं निकल रही है,
नाही पुलिस एक सूत्रीय कार्य की सेवा मे सामिल है, माना कि इलेक्श मे आपकी बड़ी जिम्मेदारी होती है लेकिन बाकी चीजें भी पब्लिक से सम्बंधित पुलिस के अधिकार और सुरक्षा मे ही आती है, मै खुदकी बात कर रही हूँ कि एक सातिर और अग्यात ब्यक्ति पिछले दो महीने से मुझे कौल करता है और अभद्र भाषा का उपयोग करता है,जाहिर सी बात हैकि वह ब्यक्ति कोई सड़ियंतकारी ही हो सकता बरना इस तरह की भाषा का स्तेमाल कोई क्यों करेगा तब ट्विटर से लेकर सिटी कोतवाली तक लिखित रूपसे कम्पलेंड की गई पर पुलिस ने यह जानने कीभी कोशिश नही की कि आखिर यह ब्यक्ति है कौन मै जबभी सिटी कोतवाली मे बात करती हूँ तो जबाब मिलता हैकि इलेक्श की बजह से बहुत काम है मेम इस लिये उसकी अरेस्टिंग नहीं हो पा रही हमने पुलिस की बढती जिम्मेदारी और कार्य को मद्देनजर रखते हुये कोपरेट किया लेकिन इलेक्श के बाद भी पुलिस शांति बैठी हुई है इसमे क्या सरकार ने कहा है कि एक महिला की एप्लिकेशन को रद्दी बनाकर—सर्मनाक इस बीच मे अगर पीड़िता के साथ कोई दुर्घटना हो जाती या आगे—तो इसकी जिम्मेदारी से भी यह पुलिस पल्ला झाड़ लेगी, जब हमारी जैसी महिलाओं के साथ इतनी बेफिक्र है तो अंदाजा लगाया जा सकता हैकि आम महिलाएं इस पुलिस की लापरवाही की— शिकारशिकार कितनी महिलाएं बनती होगी लेकिन पुलिस की इतनी बड़ी लापरवाहियों से एक बात तो साफ हो जाती हैकि पुलिस अच्छी तरह ऐसे सातिरों को जानती और पहचानती है।
लेखिका, पत्रकार, दीप्ति चौहान।