सपा सरकार बनी तो गर्मी नहीं नौकरी निकलेगी, बनेगा स्पोर्ट्स सेंटर – रिपोर्ट शुभम शर्मा

सपा सरकार बनी तो गर्मी नहीं नौकरी निकलेगी, बनेगा स्पोर्ट्स सेंटर – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने धोखा दिया। काेरोनाकाल में ऑक्‍सीजन व इंजेक्शन तक नहीं मिले। अखिलेश शनिवार को अलीगढ़ में प्रेस से बातचीत कर रहे थे। सपा सरकार बनेगी तो गर्मी नहीं, नौकरी निकलेगी। सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस बार हम 400 सीट जीतेंगे। उन्हें बता देना कि आपके विधायक व सांसद भगाए जा रहे हैं। कूटे जा रहे हैं। इन्होंने कहा कि हवाई चप्पल वाला हवाई जहाज में बैठेगा। लेकिन, मंहगाई इतनी है कि वाहन तक नहीं चला पा रहे है। एयरपोर्ट बेच दिए। हेलीकॉप्टर बेच दिए। ये फेंकू नहीं, बेचू सरकार है। ये सब बेच देंगे। फिर संविधान का क्या होगा। किसी किसान की आय नहीं बढ़ी।किसी फसल का भुगतान नहीं कर।पाए अगर किसी ने मदद की तो वह सपा कर सरकार थी। घरेलू बिजली 300 यूनिट फ्री होगी। तब से भाजपा वाले घबरा गए हैं। कई। लोगों पर मुकदमे लग गए। बिजली का कारखाना सपा ने लगाया। बाबा तो इसका नाम तक नहीं ले पाते। कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली होगी।समाजवादी पेंशन में इस बार 1500 रुपये महीने दिए। सपा का लैपटॉप अब भी चल रहा है।बाबा जी लैपटॉप नहीं बांट पाए। वह लैपटॉप चलाना नहीं जानते। हम कम्प्यूटर में पढ़ाई वाले लोगों को रोजगार देंगे। उन्‍होंने कहा पहले चरण का जो चुनाव चल रहा है। उनमें जो नियम हैं, उनका पालन करते हुए मीडिया के माध्यम से पहुंच रहे हैं। यह चुनाव यूपी के भविष्य का चुनाव है। संविधान को बचाने का चुनाव है। अब समय बहुत कम बचा है। पहले चरण की जो हवा बता रही है। यूपी के जनता ने मन बन लिया है। बदलाव करना है।अब मैं रालोद व सपा के लिए यहां आया हूं। मेरी अपील है दोनों के प्रात्यशियों को जिताएं। लेकिन, किसानों पर अन्याय कर रही है। लोगों को परेशान किया जा रहा है। किसान एक साथ तक तीन कानूनों के लिए बैठे रहे। चुनाव नजदीक आया तो भाजपा ने तीनों काले कानून वापस ले लिए। जब कानून लागू हो रहे थे तो आप अच्छाई बता रहे थे। लेकिन, अब वापस क्यों लिए। अगर तीन कानून हक में थे तो फिर वापस क्यों लिए। किसानों को खाद नहीं मिल रही है। बोरी में से चोरी हो रही है। डीजल पेट्रोल महंगा है। कमाई आधी है महंगाई दो गुनी है। लोग दूसरे राज्यों से यहां के जीटी रोड से पैदल जा रहे थे। उस समय मजदूरों को अनाथ छोड़ दिया। कोरोना के समय दवा मिलनी चाहिए थी। अस्पताल में बैड नहीं थे। ऑक्सीजन नहीं थे। इन्जेकशन नहीं थे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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