
अलीगढ़ रेलवे को रेल बजट में नहीं मिला कुछ – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – भले ही बजट में रेल एक्सप्रेस सरपट दौड़ गई हो, मगर भविष्य में यात्रियों के लिए सुविधा के तमाम इंतजाम हैं, जो सुकून देंगे। रेल बजट में आगामी दिनों की योजनाओं पर काम किया गया है। 400 के करीब वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण से नई दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर अगले कुछ वर्षों में दौड़ने की उम्मीद है। हालांकि, कर्मचारी, दैनिक यात्री और कुली के हाथ अभी कुछ आया नहीं है। इसलिए सभी का ध्यान अब रेल मंत्रालय की ओर से जारी होने वाली पिंक बुक पर टिका है। इस बुक में एनसीआर डिवीजन को कितना बजट मिला है, इसके बारे में जानकारी हो सकेगी। इसके बाद एनसीआर के बजट में से अलीगढ़ जंक्शन के विकास के लिए कितना पैसा जारी होगा यह पता चल सकेगा। ट्रेनों के ठहराव को लेकर यात्रियों को निराशा हाथ लगी है। शताब्दी समेत आधा दर्जन के करीब ट्रेनों का ठहराव की कोई घोषणा नहीं हुई है। नई ट्रेन के संचालन की भी घोषणा नहीं की गई। कोरोना काल में बंद की गई ईएमयू पैसेंजर ट्रेनों के विषय में भी कोई चर्चा नहीं हुई। कुलियों की ओर से लंबे समय से उनको ग्रुप डी में शामिल किए जाने की मांग उठाई जा रही थी, उसको पूरा किया गया है। रेलवे कर्मचारियों के हित की कोई भी बात बजट में नहीं दी गई है। नई ट्रेनों के संचालन के लिए कुछ नहीं हुआ। दैनिक से लेकर आम यात्री की भी सुविधाएं नहीं बढ़ीं। अलीगढ़-दिल्ली के बीच एक इंटरसिटी ट्रेन चलाने की मांग की जा रही है। उसे भी पूरा नहीं किया गया है। इधर, रेल कर्मचारियों के लिए कुछ भी खास नहीं है। बजट निराशाजनक है। कर्मचारियों को इनकम टैक्स में कोई रियायत नहीं है, जबकि कर्मचारियों के भत्ते, डीए बंद कर दिए हैं। रेलवे में रिक्त पदों को भरने, नई नौकरी पैदा करने की कोई घोषणा नहीं हुई।