दिसम्बर को अमित शाह की रैली से क्या कोरोना का डर नहीं होगा? – रिपोर्ट शुभम शर्मा

दिसम्बर को अमित शाह की रैली से क्या कोरोना का डर नहीं होगा? – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जफर आलम ने प्रदेश सरकार पर हमला किया। अपने कार्यालय पर मीडिया से बातचीत में जफर आलम ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनता का उत्पीड़न कर रहे हैं। कोरोना को देखते हुए रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक का नाइट क‌र्फ्यू लगाया जा रहा है। यह तानाशाही फरमान है। 30 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली में हजारों की संख्या में भीड़ आएगी, क्या तब कोरोना का डर नहीं रहेगा। इधर, अलीगढ़ प्रशासन ने व्यापारियों से टेंडर, दुकान, स्टाल के नाम पर मोटी रकम ले ली है, अब रात में लगने वाली नुमाइश का क्या होगा? इससे तो नियमों की धज्जियां उड़ाई जाएगी। जफर आलम ने सरकार पर सवाल दागा कि क्या रात 11 बजे के बाद जनता को गिरफ्तार किया जाएगा। यदि नुमाइश बंद की जाती है तो दुकानदारों और व्यापारियों को नुकसान होगा उसका जिम्मेदार कौन होगा? सपा की ओर से उन्होंने मांग की कि यदि नुमाइश बंद होती है तो इस स्थिति में दुकानदार और व्यापारियों का पैसा वापस किया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो महानगर समाजवादी पार्टी आंदोलन करने पर विवश होगी? क्या यह कोरोना सिर्फ विपक्ष और गरीब, किसान, नौजवान और व्यापारी के लिए ही है। भाजपा के लिए नहीं? भाजपा नेता बड़ी-बड़ी रैली कर रहे हैं। जफर आलम ने आशंका जताई कि 2022 के चुनाव में अपनी हार के डर से कोरोना का षड़यंत्र तो नहीं है? तानाशाही और जनता का उत्पीड़न करने वाली सरकार यह समझ ले कि भाजपा सरकार के उल्टे दिन शुरू हो गए हैं? यह कोई भी षड़यंत्र रच ले अब जनता ने मन बना लिया है 2022 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी, जिला महासचिव मुकेश माहेश्वरी, महानगर महासचिव मनोज यादव, जिला उपाध्यक्ष रत्नाकर पांडे मौजूद थे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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