
एटा। कोरोना दैत्य का जानलेवा चंगुल बहुत तेजी से अच्छे मिलनसार हरदिल अजीज चहेतों को अपना शिकार बना रहा है। रोज दिल दहलाने बाली दुःखद खबरे मिल रही। आज अचानक दोपहर को स्वास्थ्य विभाग के फार्मेसी हलकों से खबर मिली कि पूर्व चीफ फार्मेसिस्ट डॉ के पी सिंह यादव नही रहे..तो मानो पैरों के नीचे से जमीन ही खिसक गई यद्यपि यह दुखद खबर हमे देर से ही मिली पर स्तब्ध करने बाली थी। हालिया तौर पर डा के पी सिंह डिजिटल माध्यम फेसबुक पर सक्रिय रहने बाले पोजेटिव सोच के अच्छे कमेंटेटर थे। वे अक्सर सभी की हौसलाफजाई शिद्दत से करते थे। साहित्यिक/पत्रकार/सामाजिक जगत के लोगो से खासा प्रेम करने बाले ‘के पी सिंह भाई साहब’ ने हमेशा अच्छी चीजों और अच्छे लोगो को प्रोत्साहन दिया। गरीब मजलूम वर्ग की चिकित्सा सेवा से वे जिले भर अपना मुकाम रखते थे।
हंसमुख मिलनसार छवि और स्वभाव के पी सिंह भाई साहब इस दुनियां में नही हैं…यह सच स्वीकार करने को दिल दिमाग बिल्कुल तैयार नही है। लगता बस उत्साहवर्धन करता अंग्रेजी में कोई कमेंट उनका अभी दिखाई देगा.. पर नही अब वो कमेंटेटर नही रहा… यह सच्चाई कबूलनी होगी हम जैसे सभी चहेते मित्रो शुभ चिंतकों को सचमुच !
कि ‘ के पी सिंह भाई साहब नही रहे’
विनम्र श्रद्धांजलि????????