
अक्टूबर के दिन सन १९०२ में लोकनायक जयप्रकाशनारायण का जन्म हुआ , भारत की आज़ादी की लड़ाई में उनका योगदान सुनहरे अक्षरों में दर्ज है, १९५२ के बाद वे सियासत छोड़ कर भूदान और सर्वोदय आंदोलन से जुड़ गए, १९७० के दशक में चम्बल घाटी के खूंखार डाकुओं का आत्मसमर्पण करवा कर वास्तव एक अहिंसावादी युग की शुरुआत की, १९७३-७४ में जब देश न्यायपालिका को बचाने के लिये जूझ रहा था, भ्र्ष्टाचार आसाध्य रोग बन चुका था ऐसे में उन्होंने केंद्र सरकार को चेताया सरकार ने नही सुना तो फिर से हुंकार भरी ,छात्रों और नौजवानों ने उनकी कयादत में हुंकार भरी और सरकार और व्यवस्था बदलने के लिये सम्पूर्णक्रांति का आह्वान किया मेरा सौभाग्य है इस आंदोलन में मुझे और मेरे मित्रों को उनके साथ काम करने का अवसर मिला उनसे कुछ सीखने का अवसर मिला ऐसी महान शख्सियत के साथ मंच साझा करने का भी सौभाग्य मिला उनकी ही प्रेरणा से १९७७ में पहली बार देश मे गैरकांग्रेसी सरकार बनी आपातकाल परास्त हुआ ऐसे महान पुरुष को उनके जन्मदिन पर शत 2 प्रणाम ।।.