
बरेली। लेखा विभाग एवं छावनी परिषद बरेली के संयुक्त तत्वावधान में “हरिशंकरी वाटिका” के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपरा में हरिशंकरी का विशेष महत्व है। हरिशंकरी में पीपल को भगवान विष्णु, बरगद को भगवान शिव तथा पाकड़ को भगवान ब्रह्मा का प्रतीक माना जाता है। इसी सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय भावना को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम में पीपल, बरगद, पाकड़ सहित विभिन्न प्रजातियों के कुल 108 पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. तनु जैन, मुख्य अधिशासी अधिकारी, छावनी परिषद बरेली, श्री जे.सी. त्रिपाठी, IFA, श्री मनोज कुमार, Dy. IFA, LAO सहित लेखा विभाग एवं संबंधित कार्यालयों के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 250 लोगों ने सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र को बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. तनु जैन ने वृक्षारोपण को केवल एक कार्यक्रम न मानकर प्रकृति के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व के रूप में अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण उनका संरक्षण एवं नियमित देखभाल सुनिश्चित करना भी है।
हरिशंकरी वाटिका के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भारतीय संस्कृति में निहित प्रकृति-पूजन और जैव विविधता संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण और क्षेत्र को अधिक हरित एवं स्वच्छ बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
— छावनी परिषद बरेली