
बरेली । सरकारी राजस्व वसूली को लेकर जिलाधिकारी अविनाश सिंह बेहद सख्त नजर आ आए । मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य और विविध देय की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने बकायेदारों और वसूली में ढिलाई बरतने वाले अफसरों को कड़ा संदेश दिया। जिलाधिकारी ने साफ लफ्जों में कहा कि लंबित आर.सी. (रिकवरी सर्टिफिकेट) का निपटारा तेजी से किया जाए और तहसीलों की रैंकिंग सुधारने के लिए हर हफ्ते समीक्षा की जाए।
कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने जनपद भर में राजस्व वसूली की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा:
लंबित आपत्तियों का खात्मा: तहसीलों में लंबे समय से अटकी ऑडिट आपत्तियों और लंबित आर.सी. का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित हो।

साप्ताहिक बैठक अनिवार्य: समस्त उप जिलाधिकारियों (SDM) को निर्देश दिए गए कि वे वसूली प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करें, ताकि तहसीलों की ओवरऑल रैंकिंग बेहतर हो सके।
बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई: जिन बकायेदारों के खिलाफ ज्यादा संख्या में आर.सी. लंबित हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार तत्काल कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाए।
लापरवाही पर नकेल: वसूली के तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने की हिदायत देते हुए डीएम ने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वीओ (अंतिम भाग):
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को कड़े निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक में उन कर्मचारियों को भी तलब किया जाए, जिनकी वसूली प्रगति संतोषजनक नहीं है।
बैठक में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) संतोष कुमार सिंह के अलावा सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और संबंधित राजस्व अधिकारी मौजूद रहे। डीएम के इस कड़े रुख के बाद से तहसील महकमे में हड़कंप का माहौल है।