‘हाय हैंडसम’ के ठहाकों से गूंजा खुशलोक ऑडिटोरियम: समधी-समधन की अनोखी शादी ने दिया रिश्तों का नया फलसफा

बरेली। थिएटर अड्डा के अंतर्गत रंगालय एकेडमी ऑफ़ आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी, बरेली द्वारा आयोजित चतुर्थ 15 दिवसीय नाट्य समारोह 2026 की तीसरी शाम पूरी तरह हास्य और पारिवारिक व्यंग्य के रंग में रंगी रही। 22 सितंबर की शाम खुशलोक अस्पताल ऑडिटोरियम में लखनऊ की नाट्य संस्था ‘चित्रण कला मंच समिति’ द्वारा हास्य नाटक ‘हाय हैंडसम’ का धमाकेदार मंचन किया गया। जयवर्धन के चुटीले आलेख और विपिन कुमार के सधे निर्देशन ने दर्शकों को लोटपोट करने के साथ ही सोचने पर भी विवश कर दिया।
कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत मुख्य अतिथि अमित आहूजा द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई।
ठहाकों के बीच तन्हाई का दर्द और रिश्तों की सीख
नाटक की कहानी घूमती है रिटायर्ड फौजी और विदुर कर्नल कपूर के इर्द-गिर्द, जो अपने सीधे-साधे बेटे ‘स्वामी’ और मॉडलिंग की चकाचौंध में डूबी, घर-परिवार से बेपरवाह रहने वाली बहू ‘मंदा’ के रवैये से खासे तंग आ चुके हैं। घर में अक्सर उनकी विधवा समधन सीता देवी का आना-जाना लगा रहता है, जिनके साथ कर्नल का दिलफेंक और नटखट अंदाज दर्शकों को खूब गुदगुदाता है।


कहानी में असली तड़का लगाता है घर का नौकर ‘कमाल’, जो अपने हाजिरजवाबी और चुलबुले अंदाज से पूरे घर को नचाए रखता है। वह कभी स्वामी को उसकी मॉडर्न बीवी का दिल जीतने के अतरंगी जुगाड़ सिखाता है, तो कभी फर्जी साधु-महात्मा बनकर बहू मंदा के होश ठिकाने लगाता है।
हंसी-मजाक के इस ड्रामे के बीच कर्नल और समधन सीता देवी की जिंदगी में पसरा सूनापन और एक नन्हे बच्चे की कमी का दर्द भी सामने आता है। आखिरकार, अपनी तन्हाई को मिटाने के लिए दोनों समधी-समधन आपस में विवाह करने का साहसिक फैसला कर सबको चौंका देते हैं। इस अप्रत्याशित कदम से बेटे स्वामी और बहू मंदा की आंखें खुलती हैं और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने का गहरा पछतावा होता है। इसी सुखद और भावुक मोड़ पर नाटक का समापन तालियों की गड़गड़ाहट के साथ होता है।
मंच के सितारे और शिल्प
मंच पर कलाकारों ने अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से जान फूंक दी।
कलाकार: शशांक पांडे, अंकित श्रीवास्तव, अनामिका सिंह, सीता देवी के किरदार में शील मलिक और कमाल की भूमिका में निर्देशक विपिन कुमार ने अपने अभिनय से महफिल लूट ली।
नेपथ्य के सहयोगियों ने नाटक की प्रस्तुति को तकनीकी रूप से समृद्ध बनाया:
संगीत: अजय कुमार
मुख सज्जा (मेकअप): संतोष सिंह व स्वाति श्रीवास्तव
मंच निर्माण: राहुल कुमार
प्रॉपर्टी: प्रिंस कुमार
परिधान: श्रीमती सोनी
प्रेक्षागृह व्यवस्था: दिनेश कुमार
कार्यक्रम को सफल बनाने में शालिनी गुप्ता, शौर्य सक्सेना, अमीषा सक्सेना और अजय सुमन का विशेष सहयोग रहा।
कल का आकर्षण
नाट्य समारोह के चौथे दिन यानी 23 सितंबर को ऑडिटोरियम में नाटक ‘द ग्रेट राजा मास्टर कंपनी’ का मंचन किया जाएगा।

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पं.सत्यम शर्मा

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