
बरेली । शहर को आधुनिक, व्यवस्थित और सुंदर स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन ने कसरत तेज कर दी है। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में शहर के चहुंमुखी विकास और सौन्दर्यीकरण को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में नागरिक सुविधाओं के विस्तार, प्रमुख चौराहों के कायाकल्प, थीम आधारित पार्कों और पार्किंग संकट के समाधान पर विस्तार से रणनीति तय की गई।
जमीन का होगा दोबारा सर्वे
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नगर सीलिंग से अतिरिक्त उपलब्ध सरकारी भूमि का हर हाल में जनहित में सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) को पूर्व में आवंटित जमीनों का दोबारा सर्वे कराने के निर्देश दिए, ताकि उनकी वर्तमान स्थिति और भविष्य की उपयोगिता का सटीक आकलन किया जा सके।
प्रमुख कार्ययोजना और दिशा-निर्देश
वर्किंग वुमेन हॉस्टल: मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए शहर में आधुनिक ‘वर्किंग वुमेन हॉस्टल’ बनाया जाएगा। बीडीए को इसके लिए तुरंत उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के आदेश दिए गए हैं।
दादा-दादी पार्क और वृद्धाश्रम: बेसहारा बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए ‘दादा-दादी पार्क’ की परिकल्पना के साथ वृद्धाश्रम विकसित करने पर विचार किया गया।
थीम आधारित पार्कों का विस्तार: शहर में ‘रामायण वाटिका’ की तर्ज पर अन्य नए थीम आधारित पार्क बनाए जाएंगे, जिससे शहर की हरियाली और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिले।
मल्टी लेवल पार्किंग: शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रमुख और अत्यधिक आवश्यकता वाले स्थलों को चिन्हित कर मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सौम्या पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी (नगर) अविनाश त्रिपाठी तथा बीडीए के संयुक्त सचिव सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।