
बरेली । किसानों की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ने सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान केशव सिंह सोलंकी ने सबसे प्रमुखता से चीनी की लगातार बढ़ती कीमत और गन्ने के रेट में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बाजार में चीनी महंगी होती जा रही है, लेकिन गन्ना पैदा करने वाले किसानों को उनकी मेहनत और बढ़ती लागत के मुताबिक उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। किसान नेताओं ने मांग की कि गन्ने का रेट बढ़ाया जाए और किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य मिले। साथ ही किसानों के लिए फसल बीमा योजना को प्रभावी बनाने और नुकसान की स्थिति में समय पर मुआवजा दिलाने की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन में किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा भी प्रमुखता से शामिल रहा। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत, महंगे खाद-बीज और मौसम की मार के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। ऐसे में कर्ज के बोझ से राहत देने के लिए ठोस कदम जरूरी हैं। इसके अलावा जर्जर सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने, बच्चों के लिए सुरक्षित भवन और बेहतर शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई। ग्रामीण इलाकों में आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान पर भी चिंता जताई गई और स्थायी व्यवस्था की मांग रखी गई। केशव सिंह सोलंकी ने कहा कि किसान सिर्फ अपनी फसल का दाम नहीं, बल्कि अपने परिवार की शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य की गारंटी मांग रहा है। सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा किसानों की आवाज को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।