
बरेली। नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता वार्ड नंबर 13 मढ़ीनाथ का लक्ष्मी नगर इन दिनों बदहाली का शिकार है। यहां सड़क की हालत इतनी खराब है कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का आवागमन तक मुश्किल हो गया है। सड़क निर्माण/मरम्मत का कार्य पास हुए करीब 18 महीने बीत जाने के बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
इलाके की नालियां चोक पड़ी हैं और जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है। जलभराव और गंदगी के चलते मच्छरों ने भी डेरा जमा रखा है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। आरोप है कि नगर निगम के जिम्मेदार कर्मचारी और सफाईकर्मी रोजाना इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन समस्या की ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।
जेई से बाबू तक फाइलें ठंडे बस्ते में!
स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या की जानकारी जिम्मेदारों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिले। लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पास हो चुके कार्य को 28 महीने बाद भी जमीन पर क्यों नहीं उतारा गया?
नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा सीधे जनता को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों में नगर निगम की कार्यशैली को लेकर खासा आक्रोश है।
नगर आयुक्त एक नजर इधर भी
लोगों ने नगर आयुक्त संजीव मौर्य से लक्ष्मी नगर की बदहाल सड़क, चोक नालियों और मच्छरों की समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराने तथा लंबित कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी समय रहते नहीं जागे तो बरसात में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आखिर सवाल यही है—18 महीने बाद भी काम क्यों अधूरा है और जनता की समस्या का जिम्मेदार कौन है ?