
बरेली। आर्थिक तंगी को कभी अपनी मंज़िल की राह में रुकावट न बनने देने का पैग़ाम एक बार फिर बरेली से सामने आया है। दरगाह आला हज़रत से संबद्ध आला हज़रत ताजुश्शरिया वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित निःशुल्क नीट कोचिंग ने इस वर्ष भी अपनी क़ाबिलियत का लोहा मनवाते हुए सात मेधावी छात्रों को NEET-UG 2026 परीक्षा में कामयाबी दिलाई है।
सोसायटी ने आर्थिक रूप से कमज़ोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मुफ़्त कोचिंग, टेस्ट सीरीज़, काउंसलिंग और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया। इसी का नतीजा है कि कई विद्यार्थियों ने बेहतरीन अंक हासिल कर मेडिकल क्षेत्र में अपने सुनहरे मुस्तक़बिल की मजबूत बुनियाद रखी।
संस्था के संस्थापक फ़रमान हसन ख़ान ने कहा कि उनका मक़सद सिर्फ़ तालीम देना नहीं, बल्कि मुफ़लिस और वंचित तबक़े के होनहार नौजवानों को डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनने का मुकम्मल मौक़ा फ़राहम करना है। उन्होंने ऐलान किया कि 24 जुलाई से निःशुल्क नीट कोचिंग के नए बैच की शुरुआत की गई है, जिसमें सीमित सीटों पर योग्य छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह कामयाबी इस बात की गवाही देती है कि अगर इरादे मज़बूत हों और रहनुमाई सही मिले, तो मुफ़लिसी कभी ख़्वाबों की दीवार नहीं बन सकती।