
बरेली, लखनऊ।उत्तर प्रदेश में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है। पासपोर्ट की तर्ज पर लाइसेंस जारी करने की तैयारी की जा रही है। नई व्यवस्था के तहत आवेदकों को ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट देना होगा, जहां कैमरे और सेंसर यह तय करेंगे कि आवेदक पास हुआ है या फेल।
नई प्रणाली में पुलिस वेरिफिकेशन भी अनिवार्य किया जाएगा, ताकि फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान के आधार पर लाइसेंस बनवाने पर रोक लगाई जा सके। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार का उद्देश्य ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को तकनीक आधारित, निष्पक्ष और अधिक सुरक्षित बनाना है, जिससे केवल योग्य चालकों को ही लाइसेंस जारी किया जा सके।