
बरेली। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए बरेली जोन की पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। इसी क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन रमित शर्मा ने पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली एवं मुरादाबाद परिक्षेत्र तथा जोन के सभी जनपद प्रभारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की।
बैठक के दौरान एडीजी रमित शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक थाना अपने क्षेत्र के त्यौहार रजिस्टर का अवलोकन करे तथा शांति समितियों और धर्मगुरुओं के साथ बैठकें आयोजित कर आपसी समन्वय और सौहार्द सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, खराब कैमरों को तत्काल चालू कराने और उन्हें कंट्रोल रूम से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही कांवड़ शिविरों में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, विश्राम स्थल और अन्य मूलभूत सुविधाएं समय से उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
महिला कांवड़ियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एडीजी ने शिविरों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, महिला शौचालय और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रत्येक शिविर में सीसीटीवी निगरानी और पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था भी अनिवार्य करने को कहा गया।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, नगर निकाय, चिकित्सा विभाग, अग्निशमन विभाग, रेलवे, परिवहन तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कांवड़ मार्गों की मरम्मत, अधूरे निर्माण कार्यों को समय से पूरा कराने और बिजली के पोल व ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग कराने के निर्देश भी दिए गए।
एडीजी रमित शर्मा ने कहा कि कांवड़ियों के सुरक्षित आवागमन के लिए मार्ग के एक हिस्से को सुरक्षित रखा जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की कोई संभावना न रहे। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर भौतिक निरीक्षण के साथ ड्रोन कैमरों से भी कांवड़ मार्गों की निगरानी करें।

उन्होंने सोशल मीडिया पर सतर्क निगरानी रखने, किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने तथा कांवड़ समितियों के साथ बैठक कर उन्हें सभी व्यवस्थाओं और नियमों की विस्तृत जानकारी देने के निर्देश भी दिए।
बैठक के अंत में एडीजी ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें कर कांवड़ यात्रा से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था का स्वयं निरीक्षण करें, जिससे श्रावण मास और कांवड़ यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।