प्रीतनगर में राम कथा के छठवें दिन परशुराम संवाद और राम वनवास का हुआ भावपूर्ण वर्णन


चोपन। प्रीतनगर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर पर चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्री राम कथा के छठवें दिन का आयोजन भक्तों के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा और भक्तिभाव से परिपूर्ण रहा। कथा वाचक पंडित दिलीप कृष्ण भारद्वाज जी ने इस दिन परशुराम संवाद और राम वनवास की लीला का सुंदर और हृदयस्पर्शी वर्णन किया। कथा वाचक ने परशुराम संवाद को भगवान श्रीराम के धैर्य, विनम्रता और धर्म पालन के आदर्शों का प्रतीक बताया। कथा में यह भी बताया गया कि कैसे श्री राम ने परशुराम के क्रोध को शांत कर उनके आशीर्वाद प्राप्त किए। इसके बाद राम वनवास के प्रसंग का वर्णन किया गया, जिसमें राजा दशरथ के वचन पालन और राम, सीता और लक्ष्मण के त्याग की गाथा सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो गईं। उन्होंने समझाया कि यह प्रसंग मानव जीवन में कर्तव्य, त्याग और समर्पण के महत्व को उजागर करता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा पंडाल राम नाम के जयघोष से गुंजायमान रहा। संचालन मनोज चौबे ने किया, मुख्य यजमान के रूप में रामकुमार मोदनवाल सप्तनिक सुनीता मोदनवाल के साथ ही महंथ पं मुरली तिवारी,राजा मिश्रा, नवल किशोर चौबे,चांद प्रकाश जैन, अनिल सिंह, देवेन्द्र गुप्ता, रिंकू सिंह, विष्णु गुप्ता,संजय तिवारी, धन्नजय सिंह, दिनेश पाण्डेय, पिंटू मिश्रा, महेंद्र केशरी,बबलू सोनी, दीनदयाल सिंह, धर्मेंद्र जायसवाल,अनील यादव, अमित सिंह बढ़कू, विकास सिंह छोटकू, अंकित सोनी के साथ ही सैकड़ों की संख्या में कथा प्रेमी मौजूद रहे वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार चौरसिया मयफोर्स मौजूद रहे|

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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