
बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ सत्याग्रह आंदोलन किया किया गया
ढाई पुश्ता पार्क सोनिया विहार दिल्ली में बेरोजगारी, आसमान छूती मंहगाई, निजीकरण ठेकेदारी प्रथा के खिलाफ लोक समाज पार्टी द्वारा सत्याग्रह आंदोलन किया गया। इस मौक़े पर लोक समाज पार्टी के मज़दूर सभा के अध्यक्ष नरेश कुमार सेन, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शाहनवाज अली, राम भजन मिश्रा, रामजी लाल तिवारी, के पी सिंह (ऐडवोकेट), अरविंद नागर (ऐडवोकेट), ऋतु अंकुर शर्मा (ऐडवोकेट), वी के शर्मा (ऐडवोकेट),नन्हें सिंह राठौर, सुरेश दुबे, उदयवीर, उपेंद्र सेठ, राम केवल यादाव सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।
इस मौके पर लोक समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरी शंकर शर्मा ( ऐडवोकेट) ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार एक सुनियोजित तरीके से देश में बेरोजगारों की फौज खड़ा कर रही है । सत्ता के चलाने वालों की सोच यह है के लोगों को सरकारी नौकरी न दिया जाए और निजीकरण ठेकेदारी के माध्यम से इनको 8 घंटे के बदले 12 घंटे काम करवाया जाए। भारत सरकार का यह सोच एकदम संविधान के विपरीत है। भारतीय संविधान के प्रस्तावना में सामाजिक,आर्थिक और राजनीतिक न्याय की बात कही गई है ।आर्थिक न्याय तभी होगा जब लोगों के जेब में पैसा हो,जेब में पैसा तभी आएगा जब उनको एक समुचित नौकरी मिले।चाहे वह सरकारी हो अर्ध सरकारी हों या गैर सरकारी हो। लेकिन इस निजीकरण ठेकेदारी के दौर में जो वेतन मिलना चाहिए वह प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों देश के प्रधानमंत्री सभी के जानकारी में ठेकेदारों के माध्यम से शोषण कराया जा रहा है। 8 घंटे के बदले 12 घंटे काम करवाया जा रहा है।वेतन वही मात्र 10 हजार से 12 हजार रुपए प्रतिमाह और कहीं-कहीं तो 7 से 8 हजार रुपए प्रतिमाह माह मे लोग काम करने को मजबूर है। अभी उत्तर प्रदेश में पटवारी की नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी हुई जहां पर बीटेक,पीएचडी किए हुए छात्र अप्लाई करने को मजबूर हैं। जबकि बी टेक पीएचडी के छात्रों के लिए पटवारी की नौकरी शोभा नहीं देता हैं।लेकिन इस भारत सरकार के गैर कल्याणकारी नीति के कारण बेरोजगारों की फौज हो गई है कि वे लोग अपनी योग्यता से काफी कम दर्जे की नौकरी करने को मजबूर हैं जबकि वह भी मिलने को नहीं है क्योंकि नौकरियां सीमित है जबकि नौकरी पाने वाले कहीं ज्यादा है।
वहीं महंगाई के मुद्दे पर लोक समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरी शंकर शर्मा ने कहा कि महंगाई भारतीय जनता पार्टी के कारण ही बढ़ रही है क्योंकि जब से 2014 में सत्ता में आई है तब से चाहे वह 2014 का लोकसभा चुनाव हो या उसके बाद विभिन्न राज्यों के विधानसभाओं का चुनाव हो या 2019 लोकसभा का चुनाव है भारतीय जनता पार्टी इन दिनों में चुनाव को इतना महंगा कर दिया है कि आम आदमी चुनाव लड़ने को सोच सोच ही नहीं पा रहा है। जबकि सत्ता में बैठी बीजेपी द्वारा धुआंधार चुनाव में कालाधन पानी की बाढ़ की तरह बहाया जा रहा है और यह पैसा भारतीय जनता पार्टी दाल, आलू, अनाज,कपड़ा, सीमेंट, सरिया,मेडिसिन जैसे उद्योगपतियों से स्वेच्छा या गैर इच्छा से चुनावी बॉन्ड के माध्यम से पैसा ली है और आगे लेने का प्लान है। यह व्यापार का नियम है कि जिस व्यक्ति या साहू से पैसा उधार लिया जाएगा उसको ब्याज के सहित चुकता किया जाएगा । यही भारतीय जनता पार्टी की सरकार चाहे केंद्र में हो या राज्य में हो जिन जिन लोगों से चुनाव के समय पैसा ली है उन्हीं लोगों को इस देश को लूटने का अप्रत्यक्ष रूप से मौखिक लाइसेंस जारी कर दी है।यही भारतीय जनता पार्टी के 2014 में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मोदीजी जगह-जगह यह नारा लगवाते थे *बहुत हुई ** महंगाई की मार अबकी* बार मोदी सरकार
बहुत हुई बेरोजगारी की मार अबकी बार मोदी सरकार दोनों नारों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री बेरोजगारी का ब और महंगाई का म बोलने को तैयार नहीं है
यूपी के लोक गायिका नेहा सिंह राठौर और कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा को नोटिस देने और गिरफ्तारी करने का उन्होंने विरोध किया कहा संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) में देश के हर नागरिक को अभिव्यक्ति की आजादी है लेकि टून भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में बैठे लोग अभिव्यक्ति की आजादी को भी खत्म करना चाह रही है जो कि लोक समाज पार्टी इसका विरोध करती है ।