*वाराणसी में ऑटो एवं ई-रिक्शा पार्किंग एवं स्टैंड के संचालकों का कराया जाएगा चालाकों के द्वारा मतदान कराकर के चुनाव*।
*जब देश से जमीदारी एवं ठेकेदारी प्रथा का हो गया उन्मूलन तो फिर से ठेकेदारी प्रथा के नाम पर जमीदारी एवं धौसदारी प्रथा का नया प्रचलन क्यों इसका जिम्मेदार कौन।*

नई दिल्ली ब्यूरो कार्यालय—
भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक एके बिंदुसार ने वाराणसी नगर महापालिका के अंदर ऑटो एवं ई -रिक्शा चालकों से स्टैंड एवं पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर उत्तर प्रदेश सरकार से ठेकेदारी प्रथा को बंद कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि वाराणसी के चालकों के द्वारा लगातार शिकायत प्राप्त हो रहा है इसके लिए भारतीय मीडिया फाउंडेशन की विभागीय संगठन परिवहन फोरम के मीडिया अधिकारियों एवं पदाधिकारियों तथा सदस्यों को इस कार्य की जांच करने के लिए लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों यातायात पुलिस अधीक्षक सहित सभी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराने का भी निर्देश जारी किया गया है वाराणसी की टीम वाराणसी के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर पूरे घटना की जानकारी उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि वाराणसी महानगर में ऑटो चालकों के संचालन के दौरान प्रतिदिन संपूर्ण महानगर की एक रसीद काटी जाती है इसके बावजूद भी जब कोई भी चालक अपना ऑटो लेकर निर्धारित स्टैंड एवं पार्किंग में गाड़ी खड़ा करता है तो उसे वहां पर संबंधित कुछ लोग अवैध तरीके से डबल रसीद जबरन काटते हैं जो वाराणसी के चालकों के साथ अन्याय है जिसकी उच्चस्तरीय सीआईडी जांच होनी चाहिए उन्होंने कहा कि इस मामले को न्यायालय में भी उठाने का निर्णय लिया गया है काफी वीडियो और फोटोग्राफ्स सबूत के तौर पर एकत्रित हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन से जुड़े हुए पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता एवं सभी विभागीय फोरम एवं सेल के सदस्यगण भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अभियान चला रहे हैं किसी प्रकार की अवैध कार्यों पर लगातार आवाज बुलंद किया जाएगा एवं सरकार को भी प्रमाण के साथ पत्र लिखे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वाराणसी के यातायात एवं जाम व्यवस्था को सुधारने के लिए बीएमएफ की विभागीय संगठन परिवहन फोरम द्वारा संपूर्ण महानगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ऑटो एवं ई -रिक्शा के लिए बनाए गए पार्किंग एवं स्टैंड संचालक का चुनाव कराएगी इसके लिए वाराणसी के समस्त चालक गणों की एक सूची बनाई जाएगी जिस पर कार्य किया जा रहा है जो मतदान के माध्यम से पार्किंग एवं स्टैंड संचालन के लिए संचालक का चुनाव करेंगे।
किसी भी प्रकार की ठेकेदारी प्रथा एवं जोर जबरदस्ती व धौसदारी प्रथा को नहीं चलने दिया जाएगा उसे समाप्त कराने तक संघर्ष किया जाएगा उन्होंने कहा कि अब पुरानी जमीदारी प्रथा को देखते हैं जिसमें कुछ मनबढ़ राजा मुख्य शोषक थे तो जमीदारों के माध्यम से किसानों की लूट कराते थे उस लूट में से कुछ हिस्सा जमीदारों को देते थे उस समय जमीदार उक्त शोषक राजाओं के ठेकेदार हुआ करते थे यह एक पुरानी शोषणकारी व्यवस्था थी। पहले कल- कारखाने नहीं थे श्रम की लूट का एक माध्यम खेती एवं परिवहन क्षेत्र था जब जमीदारी प्रथा एवं ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर दिया गया तो फिर उसका प्रचलन क्यों?
उन्होंने कहा कि जिस तरीके से हरियाणा और अन्य राज्यों में ठेकेदारी प्रथा को तमाम विभागों और नगरपालिका से समाप्त कर दिया गया है उसी तरह उत्तर प्रदेश राज्य एवं वाराणसी में भी होना चाहिए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 को पूर्ण रुप से लागू कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारी प्रथा आज चालक वर्ग के लिए अभिशाप बन गई है इस ठेका प्रथा के कारण आज कई लाखों लोग जीवन यापन बड़ी मुश्किल से कर पा रहे हैं। आज की नौजवानों की पूरी पीढ़ी उसके चपेट में है
आज कारखानों, सरकारी विभागों , मजदूरों, ऑटो चालको, ई रिक्शा चालको एवं परिवहन चालको के अलावा अधिकारी, स्टॉफ, टेक्निकल डिग्री और डिप्लोमा धारी नौजवानों को इस ठेका प्रथा के कारण आधे दामों एवं धौसदारी टैक्स देकर काम करने को मजबूर होना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि आज सरकारी और प्राइवेट क्षेत्र में 80% लोग नौजवान हैं उनकी उम्र 30 साल से कम हैं परिवार के खर्च और जिम्मेदारियों के कारण ठेकेदारों एवं उनके धौसदारो की गुलामी करनी होती है।
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आज पूरे समाज में गरीबों की संख्या बढ़ रही है और लोग अपराधिक क्षेत्रों से भी जुड़ते चले जा रहे हैं आखिर नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का क्या संविधान ने इजाजत दिया है।
गौर करें यही नौजवान देश के भविष्य भी हैं इसका मतलब कि देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
अगर संविधान ने इजाजत दिया है तो किस अनुच्छेद में है यह अब देश के प्रत्येक नागरिकों के समक्ष आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारी प्रथा के तहत सभी क्षेत्रों के श्रमिकों चालकों मजदूरों को दो लोग उनके श्रम का हिस्सा लेते हैं इसमें उसको डराने धमकाने अधिक काम लेने टैक्स वसूलने का काम ठेकेदार और धौसदार का होता हैं।
उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार एवं ठेकेदारी प्रथा बंद होने चाहिए इसके लिए न्यायालय की शरण में जाकर संबंधित सभी अधिकारियों कर्मचारियों ठेकेदारों को प्रतिवादी बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न जिलों और राज्यों में जोरदार तरीके से इसकी मांग भी उठाई जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर धरना प्रदर्शन का सिलसिला चालू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चालको , मजदूरों और श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले कई संगठनों के लोग भी परिवहन फोरम के मंच से जुड़ रहे हैं जल्द ही उनकी एक सूची जारी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का राष्ट्रीय संगठन हैं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया को सशक्त बनाने एवं भ्रष्टाचार मुक्त भारत एवं सशक्त मीडिया समृद्ध भारत के संकल्प के साथ सभी क्षेत्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने सदस्यों की नियुक्ति करके एक जोरदार आवाज उठाने की मुहिम चलाई जा रही है नागरिक पत्रकारिता को स्थापित करना ही भारतीय मीडिया फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य एवं महा संकल्प है जिसे हर हाल में पूर्ण करने के लिए सभी भारतीय मीडिया फाउंडेशन के मीडिया अधिकारी एवं पदाधिकारी एवं कर्मचारी पूरी सक्रियता के साथ लगे हुए हैं।