जी- हुजूरी में लगे कुछ पत्रकार एवं मीडिया कर्मी पत्रकारिता को कर रहे कलंकित

*जनता की आवाज बनने के वजाय गुंडों माफियाओं भ्रष्ट राजनेताओं एवं भ्रष्टाचार के समर्थक  प्रशासनिक अधिकारियों की जी- हुजूरी में लगे कुछ पत्रकार एवं मीडिया कर्मी पत्रकारिता को कर रहे कलंकित।*

नई दिल्ली- इधर विगत कई महीनों से लगातार सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो रहा है कि कुछ पत्रकार और मीडिया कर्मी सिर्फ भ्रष्ट राजनेताओं एवं भ्रष्टाचार के समर्थक प्रशासनिक अधिकारियों पुलिसकर्मियों एवं गुंडों माफियाओं के जी- हुजूरी में लगे हुए हैं।
इसके साथ-साथ कई छोटे बड़े अस्पताल नर्सिंग होम एवं कुछ व्यापारियों को टारगेट भी बनाने में नहीं चूकते विज्ञापन के नाम पर धन उगाही का बड़ा खेल चल रहा है विज्ञापन न देने वाले लोगों के खिलाफ खबर भी चलाने में तनिक भी देर नहीं करते तथाकथित पत्रकार एवं मीडिया कर्मी पत्रकारिता का रौब दिखाकर पत्रकारिता को कलंकित करने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ते छोटे बड़े कल कारखानों पर भी इनकी पैनी नजर रहती है अगर इन्हें विज्ञापन मिल जाए या सुविधा शुल्क मिल जाए तो सारा भ्रष्टाचार समाप्त नजर आता है अगर न मिले तो यह भ्रष्टाचार के सबसे बड़े विरोधी अपने को साबित करने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ते ऐसे तथाकथित पत्रकार और मीडिया कर्मी को पत्रकारिता धर्म से कोई लेना देना नहीं है पत्रकारिता को पूरी तरीके से व्यापार एवं अपनी कमाई की दुकानदारी बनाकर काम करने वाले लोगों पर सरकार की भी पूरी तरह से नजर है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार युटुब चैनल एवं वेब पोर्टल के नाम पर पत्रकार बनाने का भी बहुत बड़ा धंधा फल फूल रहा है इस तरह के तथाकथित पत्रकार व मीडिया कर्मी किसी भी पत्रकार एवं मीडिया संगठन से भी नहीं जुड़ते बल्कि मीडिया संगठनों एवं पत्रकार संगठनों का विरोध भी करने से नहीं चूकते संगठन को ही फर्जी बताते फिरते हैं क्योंकि संगठन इन लोगों की कोई भी बात नहीं सुनता ऐसे पत्रकार और मीडिया कर्मियों का संगठन लगातार बहिष्कार करता रहता है जिसके कारण पत्रकार संगठन एवं मीडिया संगठन भी इनके निशाने पर होते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार ऐसे तथाकथित पत्रकार एवं मीडिया कर्मी भू- माफियाओं का भी खुलकर समर्थन करते हैं जमीन पर कब्जा कराना पुलिस प्रशासन के ऊपर दबाव बनाना उनकी नौकरी खा जाने वर्दी उतरवा देने की धमकी देना उनके खिलाफ खबर चलाना और उनके खिलाफ विभिन्न प्रकार के छेड़खानी और दुर्व्यवहार का आरोप लगाना भी इन तथाकथित पत्रकार और मीडिया कर्मी की दिनचर्या होती हैं इन सब कामों से इन्हें भारी रकम भी मिल जाता है।
इन सब बातों को लेकर जब हमारे पत्रकार बंधुओं द्वारा भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक एके बिंदुसार से संपर्क किया गया और उन्हें सारी जानकारियां दी गई और उनसे हुई वार्ता में भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक एके बिंदुसार ने भी इस तरह की मामले हो रहे हैं इसको स्वीकार भी किया
उन्होंने बताया कि इस खेल में कुछ बड़े नाम के अखबारों से जुड़े हुए तथाकथित पत्रकार एवं मीडिया कर्मी भी शामिल हैं  कुछ इस तरह की खबरें हमें भी प्राप्त हो रही है कुछ अपने को वरिष्ठ पत्रकार कहने वाले लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे यूट्यूब चैनल एवं पोर्टल का भी विरोध करते हैं जो पूरे निष्ठा और ईमानदारी के साथ नागरिक पत्रकारिता के स्थापना करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत कई पत्रकार बंधुओं और पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी भारतीय मीडिया फाउंडेशन के केंद्रीय कार्यालय पर किया गया है जिस पर भारतीय मीडिया फाउंडेशन की टीम पूरी तरह से जांच कर रही है कि पत्रकारिता को बदनाम करने वाले जो भी पत्रकार और मीडिया कर्मी पाए जाएंगे उनके खिलाफ संगठन की ओर से कार्रवाई कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि बिना प्रशिक्षण प्राप्त एवं अनुभवहीन लोगों को कुछ यूट्यूब चैनल के डायरेक्टर एवं पोर्टल के डायरेक्टर के द्वारा ₹25 00 से  ₹5000 तक लेकर पत्रकार एवं ब्यूरो चीफ बना दिया जाता है  कुछ समाचार पत्र-पत्रिकाओं के द्वारा भी अनुभवहीन लोगों की नियुक्तियां की जाती है जो कभी किसी भी मीडिया एवं पत्रकार संगठन से जुड़ कर किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण  प्राप्त नहीं किए होते हैं ऐसे लोगों को सीधे किसी भी न्यूज़ चैनल या समाचार पत्र में संवाददाता बनाना उचित नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन की स्थापना 26 जनवरी 2017 को हुआ है तब से लगातार संगठन पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के हितों की लड़ाई को लड़ता चला आ रहा है।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन लगातार पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक मंच पर संगठित करने के अभियान को तीव्रगति से कर रहा है और पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक लोगों को संगठन से जोड़कर उन्हें पत्रकारिता धर्म के पालन के लिए प्रेरित किया जाता है और उन्हें प्रशिक्षण देकर एक स्वतंत्र पत्रकार एवं नागरिक पत्रकार एवं उत्कृष्ट समाजसेवी बनाने का कार्य किया जाता है।
उन्होंने बताया कि 6 वर्षों में काफी लोग भारतीय मीडिया फाउंडेशन से जुड़कर पत्रकारिता के बहुत सारे कला को सीख कर अच्छे अखबार एवं चैनल में काम कर रहे हैं पूरे ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम कर रहे ऐसे लोगों की जरूरत पत्रकारिता जगत में है ऐसे लोगों को आगे बढ़ाने की जरूरत है ।
वही जो पत्रकारिता को अपनी दुकानदारी समझते हैं ऐसे लोगों का बहिष्कार तो होना ही चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में कई ऐसे पत्रकार एवं सामाजिक संगठन है जो मीडिया धर्म का अनुपालन करती है और लोगों को करा रही है उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश में कोई ऐसा पत्रकार संगठन अब अस्तित्व में नहीं है जो किसी भी भ्रष्ट लोगों का सहयोगी हो सभी पत्रकार संगठन के लोग सशक्त मीडिया भ्रष्टाचार मुक्त भारत एवं सशक्त मीडिया समृद्ध भारत के नव निर्माण के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं और अच्छे पत्रकार एवं अच्छे समाजसेवी को बनाने की मुहिम पर लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जो पत्रकार संगठन पत्रकारिता के हित में कार्य कर रहे हैं ऐसे पत्रकार संगठनों का एक साझा मंच भी बनाया गया है अंतर्राष्ट्रीय मीडिया अधिकार महामोर्चा इसमें तमाम पत्रकार संगठन के लोग शामिल हैं जो लगातार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया को सशक्त बनाने की मुहिम के साथ-साथ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के अधिकार सम्मान सुरक्षा की लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक लड़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि समस्त पत्रकार बंधुओं सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और अच्छी पत्रकारिता की एक पहचान बने सशक्त मीडिया का निर्माण हो इसके लिए 1 मार्च से भारतीय मीडिया फाउंडेशन की कोर कमेटी के दिशा निर्देशानुसार वाराणसी से केसरिया साइकिल यात्रा निकाला जा रहा है जिसके माध्यम से  विभिन्न राज्यों से होते हुए दिल्ली के जंतर मंतर पर समापन होगा उन्होंने कहा कि यह अभियान पत्रकारों को जागृत करने के लिए किया जा रहा है और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उन तमाम पत्रकार बंधुओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक मंच पर संगठित करने का एक निर्णायक यात्रा साबित होगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन देश में नागरिक पत्रकारिता की स्थापना के मूल मंत्र को स्थापित करने के लिए अपने तमाम प्रकोष्ठ फोरम एवं सेल को भी ब्लॉक लेवल से लेकर राष्ट्रीय लेवल तक गठित कर रही है जिसमें तमाम पढ़े-लिखे नौजवान भाई बहनों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारी से लेकर अधिवक्ता, डॉक्टर एवं वरिष्ठ समाजसेवी को शामिल किया जा रहा है जिन्हें प्रशिक्षण देकर उन्हें हर क्षेत्रों में एक निष्पक्ष निडर एवं स्वतंत्र पत्रकार एवं मीडिया अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
अंत में हुई वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को कलंकित करने वाले लोगों को संगठन में किसी भी प्रकार का जगह नहीं दिया जाएगा अगर ऐसे लोग समाज में पाए गए तो निश्चित रूप से ऐसे लोगों के खिलाफ संगठन पूरी तरह से कार्रवाई कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks