सड़क हादसे के घायल हुए लोगों से बाहर से मंगाया जा रहा इंजेक्शन
मेडिकल कॉलेज में एक वर्ष से टिटनेस इंजेक्शन नहीं, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एक वर्ष से टिटनेस का इंजेक्शन नहीं है। इमरजेंसी में घायलों से लेकर वार्ड में मरीज, ऑपरेशन थियेटर में गर्भवती के लिए जरूरत पड़ने पर मरीज से बाहर मेडिकल से इंजेक्शन मंगाया जा रहा है। इंजेक्शन की उपलब्धता आगे हो, इसके लिए स्टोर से यूपी ड्रग कारपोरेशन को डिमांड भेजी जाएगी।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सबसे अधिक घायलों को लगाने के लिए टिटनेस के इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के सीजर कराने में टिटनेस इंजेक्शन लगाना जरूरी है। उसके बावजूद मेडिकल कॉलेज में एक वर्ष से यह इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक संबंधित मरीज के तीमानदार को इंजेक्शन का नाम लिखकर पर्ची थमा देते हैं। सबसे अधिक दिक्कत देररात को होती है। जब टिटनेस के इंजेक्शन लेने के लिए तीमानदार को कह दिया जाता है। रात्रि में मेडिकल स्टोर बंद होने पर तीमारदार उसके लिए शहर में भटकते रहते हैं। दस रुपये में मिलने वाला इंजेक्शन भी रात्रि में महंगा हो जाता है। ऐसा ही हाल गर्भवती महिलाओं के सीजर के दौरान होता है। महिलाओं के साथ आने वाले परिजनों को सीजर के लिए आवश्यक सामान के साथ टिटनेस के इंजेक्शन मंगाने की सूची भी थमा दी जाती है। ऐसा ही हाल सर्जीकल वार्ड में भर्ती मरीजों के साथ हो रहा है।
स्टोर में 220 दवाओं में टिटनेस इंजेक्शन नहीं मेडिकल कॉलेज के स्टोर में 220 दवाओं की उपलब्धता है। स्टोर में से दवाओं को वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए अत्यधिक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उसमें भी टिटनेस का इंजेक्शन शामिल नहीं है। स्टोर से भेजी जाने वाली डिमांड में टिटनेस इंजेक्शन को भी शामिल किया गया है। स्टोर में बताया किया यूपी ड्रग कॉरपोरेशन से दवा मंगाई जाती है। कॉरपोरेशन में जो दवाएं उपलब्ध होती हैं वह मिल जाती हैं। उपलब्धता न होने वाली आवश्यक दवाओं की खरीद की जाती है।
प्रधानमंत्री जन औषिध केंद्र पर भी नहीं
मेडिकल कॉलेज में स्थित प्रधानमंत्री जन औषिध केंद्र
संचालक मुलायम सिंह ने बताया कि उनके यहां भी टिटनेस का इंजेक्शन नहीं है। उनके यहां भी इसकी उपलब्धता लंबे समय से नहीं है। अधिकांश मरीज बाहर के मेडिकल स्टोर से इसको खरीदकर ला रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के स्त्रि एवं प्रसूति विभाग में टिटनेस के इंजेक्शन उपलब्ध होने चाहिए। यदि एक वर्ष से टिटनेस के इंजेक्शन नहीं है। इस बारे में जानकारी कराएंगे।
डा. विवेक पाराशर, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज