मंडी के खाद केंद्रों पर दिनभर आकर लौटते रहे किसान

*मंडी के खाद केंद्रों पर दिनभर आकर लौटते रहे किसान*

एटा। गल्ला मंडी स्थित इफको किसान सेवा केंद्र के अलावा साधन सहाकरी खाद भंडार पर सुबह से शाम तक डीएपी लेने के लिए किसान आते रहे लेकिन दोनों ही केंद्रों पर डीएपी न होने से उन्हे लौटते देखा गया। इफको किसान सेवा केंद्र पर यूरिया का स्टॉक होने से कुछ किसान यूरिया ही लेकर जाते रहे। वहीं शीतलपुर स्थित कृभको खाद केंद्र, अलीगंज तिराहा स्थित क्षेत्रीय सहाकारी समिति एवं बली मोहम्मद चौराहा स्थित इफको केंद्र पर ताले पडे़ होने से किसान लौटते देखे गए।
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एटा, हिन्दुस्तान संवाद। जिले की सभी 68 सहकारी समितियों सहित कुल 90 खाद वितरण केंद्र में से किसी भी केंद्र पर वर्तमान में डीएपी उपलब्ध नहीं है। इस कारण किसान डीएपी के लिए प्रतिदिन खाद केंद्रों के चक्कर काट रहे है। जबकि संबंधित विभागों के अधिकारी किसानों को गुमराह कर रहे है। फसल बुवाई के लिए परेशान किसान महंगे दामों में प्राइवेट डीएपी खरीद रहे है। जिससे उनका फसल बजट बिगढ़ रहा है।

जैसा कि सभी को पता है कि देहात क्षेत्रों की सहाकारी समितियों एवं केंद्रों पर बीते 21 अक्तूबर के बाद से अब तक डीएपी वितरण नहीं किया गया है। वहीं मुख्यालय स्थित जिन चुनिंदा केंद्रों पर डीएपी का वितरण हो रहा था। उन पर भी बीते पांच दिन से डीएपी का स्टॉक खत्म हो जाने से इन केंद्रों पर भी डीएपी नहीं मिल रही है। इसके चलते किसान प्रतिदिन आकर वापस लौट रहे हैं। केंद्रों पर आने वाले किसानों को केंद्र संचालक प्रतिदिन आज कल खाद आने की बात कर टहला रहे हैं। किसानों को सच नहीं बताया जा रहा है कि खाद वास्तव को में किस दिन से वितरण होना शुरु हो जाएगी। केंद्र प्रभारियों एवं कोआपरेटिव अधिकारियों के अलावा कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को डीएपी आने का कोई निर्धारित समय नहीं बता रहे है। इसके कारण किसान प्रतिदिन खाद केंद्रों के चक्कर काट कर परेशान हो रहे है। सर्वाधिक परेशानी अलीगंज, जलेसर, अवागढ़, मारहरा, निधौलीकला, राजा का रामपुर, सराय अहगत आदि दूर दाराज से आने वाले किसानों को हो रही है।

डीएपी के लिए प्रतिदिन खाद केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। केंद्र प्रभारी रोजाना आज कल कर टहला रहे हैं। देहात क्षेत्रों के खाद केंद्रों पर 21 अक्तूबर के बाद से अब तक डीएपी का वितरण नहीं किया गया है। इसके कारण शहर के केंद्रों पर चक्कर काट रहे है। किसानों को खाद आने के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। जयवीर सिंह, गांव कंगरौल एटा।

पिछले पांच दिनों से शहर के खाद केंद्रों पर डीएपी नहीं है। कृषि एवं कोऑपरेटिव अधिकारी सहित केंद्र प्रभारी रोजाना किसानों को कल खाद आ जाएगी की बात कर टहला रहे है। कोई सच नहीं बता रहा है। किसान परेशान होकर प्राइवेट डीएपी खरीद रहे है। जो कि 16 सौ से 18 सौ रुपये के बीच मिल रही है। लल्लू सिंह, सकीट

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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