
“…काश तोड़ी होती चुप्पी, सलाखों के पीछे होता आरोपी, बेटी होती जिंदा”
एटा के निधौली कलां थाना क्षेत्र के एक गांव की 17 वर्षीय किशोरी ने छेड़छाड़ से परेशान होकर मकान के दूसरी मंजिल पर बने कमरे में फंदा लगाकर शुक्रवार को जान दे दी। किशोरी के भाई ने गांव के ही युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
किशोरी के भाई का कहना है कि गांव का ही नीतेश बहन को करीब दो माह से छेड़छाड़ कर परेशान कर रहा था। इसकी शिकायत बहन ने माता-पिता और मुझसे की थी। इसको लेकर नीतेश को डांटा भी था, इसके बाद भी वह बहन को परेशान करता रहा।
खेत पर गए थे परिवार के सदस्य
आरोप है कि छेड़छाड़ से तंग आकर किशोरी ने शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे मकान के दूसरी मंजिल के बरामदे में लगे पंखा के कुंडे में रस्सी का फंदा डालकर जान दे दी। बताया कि शुक्रवार को सुबह से ही परिवार के सभी सदस्य खेतों में काम करने चले गए थे, इसके बाद शाम को घर लौटे तो बहन फांसी के फंदे पर लटकी मिली।
गांव के लोग क्या कहेंगे, बेटी का मामला है। पुलिस भी सुनवाई करेगी कि नहीं। मां-बाप की इन्हीं सब बातों ने बेटी को घुट-घुटकर मरने पर विवश किया। काश मां-बाप ने बेटी को खोने से पहले चुप्पी तोड़ी होती तो आरोपी सलाखों के पीछे होता। बिटियां भी अपनों के बीच जिंदा होती है। बेटी के जाने के बाद घरवालों ने पुलिस को सूचना दी है।
बताते है कि बिटियां ने अपने साथ ही छेड़खानी की बात मां-बाप, भाई को भी बताई थी। उस समय घरवालों ने आरोपी को फटकार दिया था और फिर से बेटी के साथ छेड़खानी न करने की चेतावनी दी थी। शिकायत न करने से आरोपी के हौंसले बुलंद हो गए थे और बेटी के साथ छेड़खानी करता रहता था।
समय रहते पुलिस से शिकायत हो जाती बेटी इतना बड़ा कदम नहीं उठाती। आरोपी भी सलाखों के पीछे होता। बताया जाता है कि घरवालें इसलिए भी ड़रे हुए थे पूरे गांव में वह सिर्फ अकेला ही परिवार रहता है।
भाई का था दोस्त बन घर पर आता था आरोपी बताया जा रहा है कि मृतका के भाई के साथ आरोपी का घर पर आना-जाना था और इसी ने ही हरियाणा में गाड़ी चलाने के लिए साथ भी गया था। आरोपी लौट आया था। इसने गांव में आकर घटना को अंजाम दिया है।