75 वर्ष बाद भी पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं को नहीं मिला संवैधानिक अधिकार

भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक एके बिंदुसार ने महा प्रकाश पर्व दीपावली की देशवासियों को दी बधाई
कहां कि केंद्र में सरकार बनाने वाली सभी राजनीतिक पार्टियों ने पत्रकारों के जीवन में ला दिया अंधेरा आजादी के 75 वर्ष बाद भी पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं को नहीं मिला संवैधानिक अधिकार

नई दिल्ली। भारतीय मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय कार्यालय नई दिल्ली से जारी बयान में भारतीय मीडिया फाउंडेशन एवं भारतीय मतदाता महासभा एवं अंतर्राष्ट्रीय मीडिया अधिकार महामोर्चा के संस्थापक/संयोजक एके बिंदुसार ने समस्त देशवासियों एवं भारतीय मीडिया फाउंडेशन सहित विभिन्न मीडिया संगठनों के मीडिया अधिकारियों को महा प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिला। केंद्र में सरकार बनाने वाली सभी राजनीतिक दलों ने पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को छला है। जिसके कारण आज अवैतनिक देश के लिए सेवा देने वाले समाज के लिए कार्य करने वाले पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के जीवन में अंधेरा छा गया है।
दीपावली के पावन पर्व पर उन्होंने समस्त पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि आप किसी भी राजनीतिक दल के झंडे के नीचे उनका सदस्य बनके कार्य न करें। आपको अपनी अलग पहचान दिखानी होगी, एक अपना अलग वजूद बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों से सिर्फ निराशा हाथ लगी है। जब हम पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में स्वतंत्रतापूर्वक एक मंच पर संगठित होंगे तो आमने सामने संघर्ष का बिगुल बजाया जाएगा तभी हक, अधिकार, सम्मान, सुरक्षा के लिए घोषित महासंग्राम में विजय हासिल कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन जनतंत्र को सशक्त बनाने की मुहिम में भी कार्य कर रहा है। आने वाले दिनों में पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता देश की राजनीतिक दिशा तय करेंगे। जिससे देश के प्रत्येक नागरिकों का उनका मौलिक अधिकार मिल सके। उन्होंने कहा कि पत्रकार एवं समाजिक कार्यकर्ता अपने मीडिया धर्म को पूरी निष्ठा के साथ निभाएं।
उन्होंने भारतीय मीडिया फाउंडेशन के समस्त जिम्मेदार मीडिया अधिकारियों से अपील किया है कि राजनीति करण की चादर ओढ़ कर कार्य करने वाले किसी भी पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता को भारतीय मीडिया फाउंडेशन से न जोड़ें।
उन्होंने कहा कि मीडिया के मंच पर हम राजनीतिक दलों को आमंत्रित करेंगे और उनके सामने सवाल खड़ा करेंगे कि आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्होंने पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए कोई विधि, विधान, नियम, कानून क्यों नहीं बनाया। उनके स्वालंबन के लिए योजनाओं-परियोजनाओं को लागू क्यों नहीं किया।
उन्होंने सभी मीडिया अधिकारीयों से अपील करते हुए कहा कि टुकड़ों में बटकर रहने की कोई आवश्यकता नहीं है। छोटे-छोटे संगठनों के साथ जुड़कर रहने से आपका भला नहीं होने वाला है। आपको एक अपना राष्ट्रीय मंच बनाना होगा। इसलिए अपने राष्ट्रीय संगठन भारतीय मीडिया फाउंडेशन को सशक्त बनाने में लगें।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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