
बरेली। अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर बुधवार, 23 सितंबर को बरेली में संवेदनशील संवाद की नई पहल देखने को मिलेगी। रिजर्व पुलिस लाइन्स के सभागार में पुलिसकर्मियों के लिए मूक-बधिर एवं श्रवण बाधित दिव्यांगजनों की संकेत भाषा समझने की व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के संकल्प के अनुरूप प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मूक-बधिर समुदाय के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इसी क्रम में राजकीय संकेत मूक-बधिर विद्यालय, नाविल्टी चौराहा पर बुधवार को अपराह्न 3 बजे विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था एवं बरेली मंडल बधिर संघ के सदस्य सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम में अदनान खां, महासचिव बरेली मंडल बधिर संघ तथा सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ कु. आयुषी का सहयोग रहेगा।
पहल का उद्देश्य साफ है—संकेतों की भाषा को समझकर पुलिस और मूक-बधिर दिव्यांगजनों के बीच संवाद की दूरी कम करना और पुलिस व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील बनाना।