BDA में लाटरी जरिए 185 भूखंडों पर निकली 1164 दावेदारों की किस्मत; अब पीलीभीत बाईपास पर बनेगी आधुनिक ‘स्मार्ट टाउनशिप’

बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की आवासीय योजनाओं में आशियाना पाने का सपना देख रहे लोगों का इंतजार गुरुवार को खत्म हुआ। बीडीए के नवीन कार्यालय परिसर में रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के भूखण्डों का लॉटरी ड्रा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ। इस शिविर में महज कुछ ही घंटों के भीतर प्राधिकरण की झोली में लगभग 120 करोड़ रुपये की बंपर आय दर्ज हुई।
185 भूखंडों के लिए 1,164 दावेदार
प्राधिकरण द्वारा आयोजित शिविर में रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के विभिन्न सेक्टरों व श्रेणियों के 185 रिक्त भूखण्डों के लिए ड्रा निकाला गया। इन भूखण्डों के लिए कुल 1,164 आवेदकों ने पंजीकरण कराया था। पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लॉटरी के जरिए सभी 185 भूखण्डों का आवंटन सफल आवेदकों को किया गया। नाम निकलते ही कई आवेदकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस मौके पर उपाध्यक्ष सौम्या पाण्डेय, संयुक्त सचिव दीपक कुमार, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी शिवधनी सिंह यादव, विशेष कार्याधिकारी नीलम श्रीवास्तव और अजीत कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


पीलीभीत बाईपास पर बसेगा अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट
रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली की शानदार कामयाबी के बाद बीडीए अब अपने सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की तैयारी में जुट गया है। पीलीभीत बाईपास रोड पर बीडीए की अब तक की सबसे बड़ी टाउनशिप विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
नई टाउनशिप की मुख्य विशेषताएं:
चौड़ा सड़क नेटवर्क: योजना के भीतर 18 मीटर, 30 मीटर और 45 मीटर तक चौड़ी सड़कों का जाल।
अत्याधुनिक सुविधाएं: विश्वस्तरीय अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, भव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम, थीम पार्क और बड़े शॉपिंग मॉल।
शानदार कनेक्टिविटी: प्रस्तावित योजना सीधे बरेली एयरपोर्ट और दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगी, जिससे निवेश और कारोबार के नए द्वार खुलेंगे।
“हमारा लक्ष्य बरेली के नागरिकों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त सुरक्षित आवासीय वातावरण देना है। बीडीए की योजनाएं न केवल आशियाने बल्कि सुरक्षित निवेश का भी बेहतरीन विकल्प हैं। पीलीभीत बाईपास पर प्रस्तावित नई योजना की पंजीकरण प्रक्रिया व नियम जल्द घोषित किए जाएंगे।”
— सौम्या पाण्डेय, उपाध्यक्ष, बरेली विकास प्राधिकरण

About The Author

पं.सत्यम शर्मा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks