
बरेली। बारिश के कारण खेतों में जलभराव होने से सब्जियों की आवक घटी है और दाम आसमान छूने लगे हैं। थोक मंडी में आलू व प्याज की कीमतें करीब डेढ़ गुना पहुंच गई हैं। इसने आम आदमी के बजट को बिगाड़ दिया है। बैंगन छह गुना महंगा हो गया है। शिमला मिर्च, गोभी और अन्य हरी सब्जियों की कीमतों में भी उछाल आया है।
शहर की डेलापीर थोक मंडी में इन दिनों दिल्ली, हरियाणा और नासिक से सब्जियों की आवक कम हो गई है। अधिकतर ट्रक रास्तों के फंसे हुए हैं या देरी से पहुंच रहे हैं। बदायूं और कासगंज जैसे नजदीकी जिलों से आने वाली हरी सब्जियों की फसलें खेतों में पानी भरने के कारण डूब गई हैं। फसल खराब होने का सीधा असर महंगाई के रूप में देखने को मिल रहा है।
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, अगस्त के मुकाबले सितंबर में सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं। मौसम की इस मार और महंगाई के दोहरे संकट से आम नागरिकों के लिए घर चलाना बेहद कठिन हो गया है। आने वाले दिनों में भी सब्जियों के दाम कम होने की उम्मीद नहीं है।