
बरेली । स्वाइन फ्लू यानी H1N1 को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकांश मामलों में संक्रमण हल्का रहता है, लेकिन गंभीर स्थिति में यह फेफड़ों तक पहुंचकर निमोनिया, सांस लेने में परेशानी और दिल से जुड़ी जटिलताएं पैदा कर सकता है।
दिल्ली में इस साल स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 1,777 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। 20 अगस्त को एक ही दिन में करीब 114 नए मामले मिले, जबकि 6 अगस्त तक कुल 1,344 मामले दर्ज थे। विशेषज्ञों के मुताबिक तापमान में उतार-चढ़ाव और मानसून के दौरान बढ़ी नमी संक्रमण के प्रसार की वजह हो सकती है।
बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से फेफड़े, दिल या डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। संक्रमण खांसी, छींक और बातचीत के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों से फैल सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द या दबाव, तेज सांस चलना और होंठ अथवा चेहरे का नीला पड़ना जैसे लक्षण गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
हालांकि विशेषज्ञों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। स्वच्छता, सावधानी और समय पर उपचार से स्वाइन फ्लू के गंभीर प्रभावों से बचा जा सकता है।