
व्यापारिक रंजिश में रची गई थी पूरी साजिश, दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
बरेली । मीरगंज थाना क्षेत्र में बस में हुई फायरिंग और तोड़फोड़ की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि यह हमला किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि बस संचालकों की आपसी व्यापारिक रंजिश के चलते खुद ही रचा गया था।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली हाईवे स्थित एक ढाबे पर खड़ी बस में तोड़फोड़ और फायरिंग कर झूठी क्रॉस एफआईआर दर्ज कराने की साजिश बनाई गई थी, ताकि प्रतिद्वंद्वी बस संचालक को कानूनी कार्रवाई में फंसाया जा सके।
मीरगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में बिलाल और अरबाज नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि टीपू चौधरी के कहने पर उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर अपनी ही बस में तोड़फोड़ और फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था। इसके पीछे उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी बस संचालक शुभम चौधरी और उसके साथियों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराना और कारोबार में बढ़त हासिल करना था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। मीरगंज पुलिस की इस कार्रवाई से एक सुनियोजित साजिश का पर्दाफाश हुआ है और पूरे मामले में आगे की जांच जारी है।