ब्रेकिंग नगर निगम लखनऊ*
*नगर आयुक्त के आदेशों को नही मानते ए.ई. किशोरी लाल।*

*नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह की मेहनत पर पानी फेर रहे जे.ई. से बने ए.ई. किशोरी लाल।*
*इंद्रजीत सिंह पूरी ईमानदारी से अपने काम को देते है अंजाम।*
*वहीं उनके ही विभाग के ए.ई. किशोरी लाल जैसे कर्मचारी करते हैं विभाग की बदनामी।*
*बढ़ती ठंड को देखते हुए नगर आयुक्त ने दिए थे आदेश की हर चौराहों और रैन बसेरों पर हो लकड़ी का इन्तिज़ाम।*
*सूत्रों की माने तो ए.ई. किशोरी लाल और ड्राइवर बिंदेश्वरी दुबे की मिली भगत से अलाव की लकड़ियों को 50 से 100 रुपए में जा रहा बेचा।*
*इंजीनियरिंग विभाग के किशोरी लाल जे.ई. से ए.ई. के पद पर आने के बाद जनता से बात करने का रवैया ही बदल दिया।*
*मुख्य मार्ग चौराहों पर पचास किलो अलाव के लिए गिराई जानी चाहिए लकड़ी वही हो रही बड़ी हेरा फेरी।*
*बिंदेश्वरी दुबे ड्राइवर कहीं दस किलो तो कहीं बीस किलो गिराते है लकड़ी।*
*इंजीनियरिंग विभाग के एई किशोरी लाल व बिंदेश्वरी दुबे की मिली भगत से लकड़ी बेचने का चल रहा काला कारोबार।*
*दूसरी तरफ ए.ई. किशोरी लाल के संरक्षण में ड्राइवर बिंदेश्वरी दुबे 50 से 100 रुपए लेकर सरकारी लकड़ी बेचने का करते है काम।*
*जे.ई. से ए.ई. बने किशोरी लाल नही उठाते हैं पत्रकारों के फ़ोन।*
*नगर निगम में तैनात किशोरी लाल ए.ई. के पूर्व के काले कारनामों का काला चिट्ठा खुलना अभी बाकी।*