
ये देवरिया के उस प्रेम यादव की अभागी बेटी है जिसके बाप की सिर कूचकर और गर्दन काट कर हत्या कर दी गई ।
अब इनके घर पर बुलडोजर चलने वाला है ….. चूंकि प्रेम यादव जनप्रतिनिधि था , पूर्व जिला पंचायत सदस्य था इसलिए उसकी बर्बर हत्या से आक्रोशित भीड़ ने प्रेम यादव के हत्यारों पर हमला बोल दिया।
ऐसे होता है उत्तर प्रदेश में इंसाफ ..? प्रेम यादव के हत्यारे वर्ग विशेष से हैं तो उनके द्वारा कारित अपराध कि कोई सजा नहीं है रामराज्य में!! प्रेम यादव पिछड़े समाज से था इसलिए रामराज्य में उसकी जान की क़ीमत घास- मूली बराबर भी नहीं थी ।
अपने जनप्रतिनिधि की सिर कूंची लाश देखकर आक्रोश भीड का अपराध बडा है ?
प्रेम यादव अपने पीछे 3 बेटियां छोड़कर गए हैं ….जिनकी छत रामराज्य में ढहाई जा रही है।
उत्तर प्रदेश के तमाम पिछडे, दलित नेता, बौद्धिक वर्ग, सिविल सोसायटी के लोग कफन ओढ़कर सोते रहें ।।
कफन ओढ़कर सोई लाशों प्रेम यादव की हत्या का भी कोई FIR, जांच ,सजा है कि नहीं??