इसौली में पारंपरिक तीज मेला का जलेसर विधायक ने फीता काटकर किया शुभारंभ। मेला में उमड़ा भारी जनसैलाब।

एटा।जनपद एटा के विकास खंड अवागढ़ के गाँव इसौली में सैकड़ों वर्षों से पारंपरिक रूप से होली के बाद तीज के दिन मेला का आयोजन होता चला आ रहा है। जिसे तीज मेला इसौली के नाम से मशहूर मेला माना जाता है। इस मेले की धमक जनपद एटा और आस पास के जिलों के अलावा अलीगढ़, मेरठ, कानपुर, इलाहाबाद और मुम्बई तक है। दूर दूर से दुकानदार इसौली आकर तीज मेला में अपनी अपनी दुकानें लगाते हैं। मेला में तीन चार तरह के झूले भी लगाए जाते हैं। जलेसर क्षेत्र के ग्रामीण भारी संख्या में इस मेले में सहभागिता करते हैं। ग्रामीण क्षेत्र का मशहूर मेला होने के कारण भारी भीड़ होने के चलते पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। मेले में बूढ़ों, बच्चों, पुरुषों और महिलाओं का भारी जनसैलाब उमड़ा दिखाई दिया। मेला में सकरौली पुलिस ने काफ़ी मशक्कत करते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखी। जगह जगह रखी जलेबियाँ मेले की शोभा बढ़ा रही थीं। बंशी वाले मन्दिर में पूरे दिन भजन कीर्तन चलता रहा लोकगायक जुगेन्द्र फक्कड़ ने भजन कीर्तन और लोकगीतों से शमां बांध दिया। तीज मेला इसौली का जलेसर के स्थानीय विधायक संजीव दिवाकर ने वंशी वाले मन्दिर पर फीता काटकर शुभारंभ करते हुए हजारों साल पुराने बंशी वाले मन्दिर में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। विधायक संजीव दिवाकर के साथ आए गणमान्य लोगों का क्षेत्रीय लोगों ने फूल मालाएँ पहनाकर ज़ोरदार स्वागत किया। क्षेत्रीय विधायक संजीव दिवाकर के साथ भाजपा के पूर्व एमएलसी प्रत्येन्द्र पाल सिंह पप्पू भैया, रेलवे बोर्ड सदस्य रमेश पाल सिंह रामूजी, जिला उपाध्यक्ष भाजपा सचिन उपाध्याय, अवागढ़ चेयरमैन महेश पाल सिंह, पूर्व सांसद प्रतिनिधि राजेश सरानी, मण्डल अध्यक्ष भाजपा नवीन दीक्षित, पूर्व जिला महामंत्री भाजपा अरविन्द पाल सिंह पप्पू जी, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल प्रताप सिंह बना जी, राजबीर प्रधान, शिवम शुक्ला, पवन पाठक, अंशू हिन्दू, पुष्पेन्द्र बघेल समेत सैकड़ो लोग मौजूद रहे।