बलिदानी कारसेवकों की उपेक्षा से दुखी हुए हिंदूवादी संगठन

बलिदानी कारसेवकों की उपेक्षा से दुखी हुए हिंदूवादी संगठन
*2 नवंबर को दिगंबर अखाड़े में श्रद्धांजलि देने पहुंचे तो दिखा सन्नाटा

  • बलिदानी कारसेवक रमेश पांडेय के आवास पर भी अर्पित हुई भावभीनी श्रद्धांजलि
    अयोध्या 30 अक्टूबर और 2 नवंबर 1990 को अयोध्या की पवित्र पावन भूमि कारसेवकों के रक्त से लाल हो गई थी ज्ञात अज्ञात सैकड़ों कारसेवको को गोलीकांड में अपनी जान गवानी पड़ी इन्हीं मृत हुतात्मा कारसेवकों की याद में प्रत्येक वर्ष हिंदूवादी संगठन इन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि प्रदान करते हुए उन्हें याद करते हैं ,अनेक अवसरों पर दिगंबर अखाड़े में बने बलिदान स्थल पर कई बार भव्य कार्यक्रम आयोजित कर इन बलिदानी कारसेवकों को पुष्पांजलि अर्पित की जाती रही है किंतु पिछले कुछ वर्षों से यह देखने में आ रहा है की दिगंबर अखाड़े में बने बलिदान स्थल पर किसी भी संगठन द्वारा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा रहा है इस बार भी जब हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पांडेय तथा उनके सहयोगी अधिवक्ता राजीव कुमार शुक्ला बलिदान स्थल पर पहुंचे तो वहां पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था, दुखी मन से दोनों महानुभावों द्वारा बलिदान स्थल की साफ सफाई करने के उपरांत उसे फूल मालाओं से आच्छादित किया गया तत्पश्चात कारसेवकों के प्रति अपना श्रद्धा भाव रखने वाले विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा तथा पार्षद रमेश दास तथा कुछ अन्य संत उपस्थित हुए जिन्होंने मिलकर बलिदानी कारसेवकों के प्रति अपनी अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उन्हें विनम्र भावभीनी श्रद्धांजलि दी इस अवसर पर 1992 की कारसेवक रहे हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पांडेय ने अपने उद्गार में कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन में कारसेवकों के बलिदान की वजह से ही और उनके पुण्य प्रताप तथा सदकर्मों से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, किंतु कारसेवकों की ऐसी उपेक्षा मन को आहत कर देने वाली है श्री पांडेय ने यह भी कहा कि सत्ता के नशे में सरकार इतनी मदमस्त हो चुकी है की उसे और उनके जनप्रतिनिधियों को मृत कारसेवकों के पीड़ित परिवारो की दयनीय हालत दिखलाई नहीं पड़ रही है आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके इन परिवारों के पास बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है, भाजपा नेता अधिवक्ता राजीव कुमार शुक्ला ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन में कारसेवकों का महत्वपूर्ण भूमिका रही है, उनकी उपेक्षा किसी भी स्तर पर नहीं होनी चाहिए, विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि कारसेवकों को कभी भी विस्मृत नहीं किया जा सकता कारसेवकों की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए आज अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण उन्हीं की वजह से हो रहा है, दिगंबर अखाड़े में बलिदानी कारसेवक स्थल पर श्रद्धांजलि देने के उपरांत 1992 के कारसेवक हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पांडेय,विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा, भाजपा नेता अधिवक्ता राजीव कुमार शुक्ला, तथा पार्षद रमेश दास द्वारा 2 नवंबर 1992 को बलिदान होगी रमेश पांडे के आवास पर पहुंचकर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की इस अवसर पर बलिदानी कारसेवक रमेश पांडेय की धर्मपत्नी गायत्री पांडेय सहित उनके परिवार के सदस्य मौजूद रहे

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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