
एटा सैक्स स्केण्डल-2022 की पीड़िताओं ने एटा पुलिस से न्याय न मिलने के कारण स्वतंत्रता दिवस के दिन भूख हड़ताल पर बैठने के लिए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर माँगी मंजूरी।
–सी0बी0आई0 जाँच हो तो एटा सैक्स रैकेट का हो सकता हैखुलासा:-पंकज कुमार एडवोकेट।
एटा,
जनपद एटा के विभिन्न थाना क्षेत्रों की बालिक व नाबालिक रेप व गैंगरेप पीड़िताओ ने कलेक्ट्रेट स्थित जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के सामने मीडिया को बताया कि उनको पुलिस से न्याय ना मिल पाने के कारण वह अपने अपने परिवार सहित स्वतंत्रता दिवस के दिन न्याय पाने हेतु धरना प्रदर्शन स्थल पर एक दिवसीय भूख हड़ताल/ अनशन करने के लिए अपने वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज कुमार एडवोकेट को साथ लेकर जिलाअधिकारी एटा को प्रार्थना पत्र देकर भूख हड़ताल करने की मांग की है और मीडिया के सामने अपने अधिवक्ता के माध्यम से रेप व गैंगरेप पीड़िता ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा है कि उसके साथ रेप होता है तो विवेचक मुल्जिमो से सांठगांठ करके फेयर इन्वेस्टिगेशन नहीं कर रहे हैं। यह मामला थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम कुठिला लायकपुर का है। इस नाबालिग पीड़िता के पिता ने अपने अधिवक्ता पंकज कुमार एडवोकेट के माध्यम से माननीय न्यायालय की शरण में जाकर बताया कि उसके प्रकरण में विवेचक फेयर अन्वेषण नहीं कर रहे हैं ,और मुल्जिमानों को बचाने का प्रयास में लगे हैं। इस प्रकरण पर संज्ञान माननीय न्यायालय स्पेशल जज,एक्सकिलुसिव कोर्ट ,पोस्को एक्ट एटा ने संज्ञान लिया है और पुलिस को फेयर इन्वेस्टिगेशन के आदेश दिए हैं। लेकिन पीड़िता के पिता का कहना है कि विवेचक पर न्याय की कोई उम्मीद नहीं है ।
दूसरा प्रकरण थाना रिजोर क्षेत्र के ग्राम फफोतु का है। यहां पर रेप व गैंगरेप पीड़िता ने बताया कि उसके नाबालिग पुत्र की कनपटी पर तमंचा रख कर उसके ही घर में उसके साथ पहले कुमरपाल ने रेप किया। बाद में कुमारपाल ने अपनी गैंग के लोगों के साथ मिलकर जबरन गाड़ी से उठा ले गए ,और उसके साथ गैंगरेप किया गया। लेकिन उस गैंगरेप पीड़िता की रिपोर्ट थाना पुलिस ने आज तक नहीं लिखी है।थकहार कर पीड़िता अपने ट्रक चालक पति के साथ और अपने अधिवक्ता पंकज कुमार एडवोकेट के साथ माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की शरण में पहुंचे। माननीय न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, परिवाद दाखिल कर स्वयं संज्ञान लेने का आदेश पारित किया है ।पीड़ीता के अधिवक्ता पंकज कुमार ने मीडिया को बताया कि एटा जिले की पुलिस विधि के सिदांतो की अवहेलना कर रही है। बलात्कार जैसे गंभीर प्रकरण में थाना पुलिस धारा 166 क का अपराध रही है। भारतीय दंड संहिता की धारा- 166 क का अपराध करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। पंकज कुमार ने कहा कि पिछले 1 वर्ष से लगातार समाचार पत्रों के माध्यम से संज्ञान में आ रहा है कि जनपद एटा से लगातार नाबालिक लड़कियों, महिलाओं के गायब होने, उनके शारीरिक शोषण होने, की घटनाएं प्रकाश में आ रही है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि एटा में सेक्स स्कैंडल चल रहा है। जिसे “एटा सेक्स स्कैंडल 2022” कहा जाये तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।इससे कानून व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है ।
मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय से मांग करता हूँ कि एटा सेक्स स्कैंडल की सीबीआई जांच कराई जाए, तो इसमें बड़े-बड़े सफेदपोश भी प्रकाश में आ सकते हैं।