किसानों ने निजी नलकूपों पर जबरदस्ती लगाए गए बिजली मीटर को अतिशीघ्र ना हटाने पर किसानों द्वारा खुद ही उखाड़ कर विभाग में जमा करने का ऐलान किया

आक्रोशित किसानों ने प्रदर्शन के दौरान सड़क पर उतरने की घोषणा से शासन प्रशासन में मचा हड़कंप तत्काल एसडीओ ने पहुंच समस्त स्थानीय समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया एवं समाधान न होने पर अधिशासी अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता का घेराव की घोषणा की

एटा।आज दिनांक 08.08.2022 को संयुक्त किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले जनपद एटा के गदनपुर एवं जलेसर तथा मलावन फीडरों सहित सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में प्रत्येक जिला के बिजली घरों पर प्रदर्शन कर किसान, मजदूरों ने मांग की कि सरकार द्वारा आंदोलित किसान संगठनों एस0 के0 एम0 के साथ 09, 10 दिसंबर 2021 को एक समझौता के तहत वायदा किया गया था कि संशोधित विद्युत बिल को रद्द किया जाएगा लेकिन जैसा कि विभिन्न तंत्रो के माध्यम से सूचना मिली है कि वर्तमान सत्र में सरकार इस बिल पास कराना चाहती है जिसे तत्काल रोकने की मांग की गई एवं उक्त पंचायत में विभागीय अधिकारियों के समय से न पहुंचने पर गदनपुर फीडर पर चल रही पंचायत में उपस्थित किसानों ने निर्णय लिया के 15 मिनट के अंदर अगर संबंधित जिम्मेदार अधिकारी ज्ञापन लेने के लिए किसानों के बीच में नहीं आएंगे और स्थानीय समस्याओं का समाधान तत्काल नहीं कराएंगे तो सभी किसान सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी पंचायत की उक्त घोषणा के पश्चात शासन प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए और तत्काल पंचायत द्वारा दिए गए समय के अंदर ही विद्युत विभाग के एस0 डी0 ओ0 चतुर्थ ज्ञानेश सिंह जी किसानों के बीच में पहुंचकर फीडर की स्थानीय समस्याओं का तत्काल समाधान कराने का आश्वासन दिया एवं संगठन के ज्ञापन को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजने का आश्वासन दिया उक्त प्रदर्शन के अंत में अति शीघ्र समस्याओं का समाधान ना होने पर अधिशासी अभियंता विद्युत अधीक्षण अभियंता के कार्यालय के दिखाओ की घोषणा करने के बाद ज्ञापन सौंपा गया।

उक्त प्रदर्शन में प्रमुख रूप से उठाते हुए बताया कि बिजली संशोधन बिल 2022 आने के बाद किसान मजदूर आम उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी खत्म हो जाएगी और लगभग ₹10 प्रति यूनिट के हिसाब से किसानों को कम से कम निजी नलकूप / ट्यूवेल / समर का ₹10000 प्रति माह तक का बिजली भुगतान करना पड़ेगा एवं आम जनता को भी बहुत ही अत्यधिक बिजली महंगी खरीदने के लिए मजबूर किया जाएगा इसलिए आम आवाम के हित में इसे तत्काल रद्द किया जाए, उत्तर प्रदेश में जबरदस्ती किसानों के निजी नलकूपों /ट्यूवेल / समर पर लगाए जा रहे विद्युत मीटरों को तत्काल हटाए जाए अन्यथा किसान मजदूर नौजवान स्वयं हटाने के लिए बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी, जर्जर हालात में चल रही विधुत लाईन तो अपने आप में एक गंभीर समस्या है जिससे आए दिन हादसे होते रहते हैं उसे तत्काल बदलवाया जाए, वर्तमान समय में पर्याप्त बारिश न होने की वजह से किसान सूखा की गंभीर समस्या से जूझ रहा है वहीं विद्युत कटौती ने बुरा हाल कर रखा है दोषी विद्युत अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेजा जाए तथा किसानों को 24 घंटे में निशुल्क विद्युत सप्लाई उपलब्ध कराई जाए, विधुत चेकिंग के नाम पर विभागीय अधिकारी कर्मचारी देवतुल्य उपभोक्ताओं के यहां चोरों जैसा व्यवहार कर रात्रि के समय में लोगों के घरों में नसैनी / सीढ़ी लगाकर घरों में घुसकर अभद्रता कर रहे से तत्काल रोका जाए इसके अतिरिक्त एक दर्जन गांव के किसान मजदूरों के व्यक्तिगत मुद्दों को रखा गया जिसका संतोष जनक आस्वासन मिलने पर प्रदर्शन समाप्त किया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से :- राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी, राष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र शास्त्री, राष्ट्रीय संयोजक संजीव प्रधान, प्रदेश महासचिव रघुवीर सिंह, मंडल अध्यक्ष थान सिंह लोधी, जिलाध्यक्ष पिंकी भैया, जिला उपाध्यक्ष मनदीप यादव, जिला महासचिव शिव शंकर फौजी, निबाजीलाल नेताजी सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

एवं जलेसर में प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन यादव, तहसील अध्यक्ष हरदेव सिंह जाटव, हाकिम सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष रामवीर सिंह, संरक्षक बाबूराम वर्मा सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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