
एटा,जैसा कि सभी लोगों को विदित है कि कोरोना के कारण विगत तीनमाह से लॉक डाउन चल रहा है जिसके कारण कारागार में बंदी की मुलाक़ात उनके परवारजनों से नहीं हो पा रही है नाही उनके घर वाले कैंटीन से सामान खरीदने के लिए पैसे जमा कर पा रहे हैं और ना ही मुलाकात में घर से उनके खाने-पीने की अनुमन्य वस्तुएं कपड़े वगैरह दे पा रहे हैं ऐसी स्थिति को देखते हुए शासन द्वारा यह निर्देश प्राप्त हुआ है की बंदियों की मुलाकात तो बंद रहेगी टेलीफोन की सुविधा उनको फ्री कर दी गई है जिससे वह अपने परिजनों से वार्ता कर पा रहे हैं लेकिन यदि उनके परिवारी जन बंदियों को सामान फल फ्रूट जो जेल मैन्युअल में अनुमन्य कपड़े बिस्किट आदि एक झोले में पैक करके उस पर बंदी का नाम पिता का नाम और किस दिनांक को जेल में प्रवेश किया है की एक पर्ची टैग करके जेल गेट पर दे सकते हैं जिसे तलाशी और सैनिटाइजर कराने के बाद उक्त बंदी को पहुंचा दिया जाएगा इसी प्रकार जेल की कैंटीन से वस्तुएं खरीदने के लिए बंदियों के परिजन जेल गेट पर आकर के किसी बंदी को कितने पैसे जमा करने हैं कैंटीन में जमा करने हेतु एप्लीकेशन अधीक्षक के नाम से लिख कर के और कारागार में पैसे बंदी के अकाउंट में जमा कर सकते हैं जिससे वह कैंटीन से अपनी जरूरत की वस्तुएं कूपन के माध्यम से क्रय कर सकता है यह सब व्यवस्थाएं बंदियों के lockdown में परेशानियों को देखते हुए की गई कारागार में सारे बंदी को रोना से पूरी तरह सुरक्षित है सभी बंदी प्रतिदिन योगा पीटी और खेलकूद के माध्यम से अपने को स्वस्थ रख रहे उनकी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा प्रतिदिन दिया जा रहा है सभी बंधुओं का समय-समय पर कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है जो अब तक निगेटिव आए हैं होम्योपैथिक की दवाइयां समय-समय पर इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए दी जा रही है कोशिश यही है कि कारागार में किसी प्रकार से कोई बंदी कोरोना से ग्रसित ना हो।
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