निगेटिव रिपोर्ट वाले अब सख्ती से किए जाएंगे क्वारेंटाइन

 

जिले में कोरोना के पॉजिटिव मरीज सामने आने का सिलसिला थम नहीं रहा है, लेकिन, काफी संख्या में लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव भी आ रही है। निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद इनमें से तमाम लोगों के होम क्वारंटाइन होने की बंदिश तोड़ने के मामले सामने आ रहे हैं। जिसे देखते हुए ऐसे सभी लोगों के होम क्वारंटाइन का ज्यादा सख्ती के साथ पालन कराने की व्यवस्था लागू की जा रही है। किसी कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों को क्वारंटाइन करके उनका सैंपल लिया जा रहा है। जिन लोगों के घर में अलग अलग कमरे हैं उनका होम क्वारंटाइन कराया जा रहा है, लेकिन, ऐसे तमाम लोगों की तरफ से अपनी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इसका पालन नहीं किए जाने की जानकारी लगातार सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी व्यक्ति में कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आने के बाद उस पर वायरस अगले चौदह दिन तक कभी भी असर दिखा सकता है। क्योंकि, चौदह दिन वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड होता है। लिहाजा, रिपोर्ट निगेटिव आने पर भी उसे चौदह दिन अनिवार्य रूप से क्वारेंटाइन रहना जरूरी है। नियम तो ये है कि संक्रमित के संपर्क में आने के छह दिन पूरे होने पर ही कोरोना जांच के लिए उसका सैंपल लिया जाना चाहिए, तभी सही रिपोर्ट आ सकती है, लेकिन, व्यावहारिक कारणों के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा है। मुरादाबाद में कोरोना जांच को सैंपल लेने पर रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद दोबारा जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आने के पांच मामले सामने आ चुके हैं। जिन्हें देखते हुए निगेटिव रिपोर्ट वालों का क्वारेंटाइन अब ज्यादा कड़ाई से कराने पर फोकस किया गया है। रिपोर्ट जल्दी मिलने पर निश्चितंता पड़ सकती भारी कोरोना जांच रिपोर्ट 24 से 48 घंटे में प्राप्त होने पर यह निगेटिव आने की स्थिति में संक्रमण नहीं होने की निश्चिंतता भारी पड़ सकती है। किसी संक्रमित के संपर्क में आने के चौदह दिन तक वायरस के असर दिखाने का पूरा खतरा है इसलिए रिपोर्ट निगेटिव होने पर भी सख्ती के साथ 14 दिन का क्वारेंटाइन किया जाना बहुत जरूरी है। डॉ.मिलिंद चंद्र गर्ग, मुख्य चिकित्साधिकारी

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