
जंगे आजादी के पुरोधा की प्रतिमा नहीं हो सकी आजाद
एटा। पटियाली तहसील के गांव शाहपुर टहला निवासी क्रांतिकारी महावीर सिंह राठौर का नाम पूरे देश में सम्मान के साथ लिया जाता है। आजादी की जंग में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया था, लेकिन जंगे आजादी की इस पुरोधा के राजा का रामपुर में बने स्मारक का लोकार्पण नहीं हो सका है। जबकि प्रतिमा की स्थापना करीब 25 साल पहले की जा चुकी है।
स्थानीय लोगों ने आपसी सहयोग के जरिये यहां महान क्रांतिकारी का स्मारक बनाने की योजना बनाई। 6 मई 1997 कस्बा राजा का रामपुर में तिराहे पर इस स्मारक का शिलान्यास उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ के न्यायाधीश अखिलेश्वर नाथ गुप्ता ने किया।
क्रांतिकारी की जयंती 16 सितंबर 1997 को तत्कालीन जिलाधिकारी उमेश सिन्हा ने प्रतिमा की स्थापना की। इस दौरान क्रांतिकारी के परिजन सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे थे।
बाद में स्मारक के लोकार्पण के लिए राष्ट्रपति, प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया, लेकिन कभी समय की कमी तो कभी अन्य समस्याओं का हवाला दिया जाता रहा और स्मारक आज भी लोकार्पण का इंतजार कर रहा है। एडीएम प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि प्रशासन स्तर से जो संभव कार्रवाई होगी की जाएगी।
न्यास के माध्यम से कराया पुनरुद्धार
लोकार्पण से पहले ही स्मारक की दशा बिगड़ गई। ऐसी स्थिति में अमर शहीद स्मरण जन सेवा संस्था न्यास के सदस्यों ने इसका पुनरुद्धार कराया। करीब आठ महीने पहले काम शुरू किया गया। पत्थर, टाइल्स आदि लगाकर इसे सुंदर रूप दिया गया है। हालांकि बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है
आखिरकार लोकार्पण कब होगा?
सीएम और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तक पहुंचाई बाद मे न्यास के संस्थापक अंबरीष सिंह राठौर ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की पुत्री का विवाह संबंध पड़ोस के गांव शाहपुर टहला में हुआ है। उन लोगों के जरिये तत्कालीन राष्ट्रपति तक लोकार्पण करने के लिए मांग पहुंचाई। इनके अलावा पूर्व उपराष्ट्रपति कृष्णकांत, राज्यपाल, मुख्यमंत्रियों तक मांग पहुंचाते रहे हैं। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अनुरोध पत्र भेजा है। इसकी एक प्रति भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को भी भेजी। जिस पर उन्होंने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। कहा कि 17 मई तक मुख्यमंत्री का कार्यक्रम नहीं मिलता है तो अन्य किसी मंत्री को बुलाकर लोकार्पण कराएंगे, अब और इंतजार नहीं करेंगे।