
” खुद को संवार 250 महिलाओं को बनाया स्वावलंबी
एटा – रेखा ने वर्मी कंपोस्ट उत्पादन से दी महिलाओं को खुशहाली की राह घर पर ही रह कर कृषक महिलाएं कर रही व्यवसाय”
एटा : स्वावलंबन की बात गांव की अशिक्षित महिलाओं के लिए सहज नहीं थी। आर्थिक समस्या और फिर कोई काम करने का तजुर्बा न होने के मध्य रेखा देवी ने ऐसा फार्मूला दिया कि घर के गोबर से ही उन महिलाओं के लिए स्वावलंबन की राह आसान हो रही है। 250 महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।
मारहरा क्षेत्र के ग्राम नगला भजना निवासी रेखा देवी शिक्षित होने के साथ बचपन से ही कृषि से जुड़ी रहीं। पांच साल पहले वर्मी कंपोस्ट खाद की बढ़ती डिमांड के मध्य इस कारोबार को आजमाने का निश्चय किया और अपने ही खेत के एक कोने में वर्मी कंपोस्ट उत्पादन शुरू कर दिया। घर का गोबर और कोई खास लागत भी नहीं थी। खुद वर्मी कंपोस्ट तैयार किए जाने को लेकर पूरी जानकारी जुटाई। ट्रायल के तौर पर पहले साल ही 50 हजार रुपए का लाभ हुआ। इसके बाद गांव की महिलाओं को भी आर्थिक मजबूती के लिए गोबर से वर्मी कंपोस्ट तथा जैविक खाद तैयार करने को प्रेरित करने लगी। स्वयं भी एक बीघा जमीन पर जैविक खाद बनाने का दायरा बढ़ाया। कुछ वर्षो में ही आर्थिक मजबूती के साथ यह कारोबार भी बढ़ता जा रहा है। उन्होंने स्वावलंबी बनने के साथ ढाई सौ से ज्यादा अन्य महिलाओं को भी आर्थिक मजबूती का मंत्र दिया है। वह अन्य महिलाओं द्वारा तैयार किए जाने वाली वर्मी कंपोस्ट खाद कि दूसरे क्षेत्रों में बिक्री का भी माध्यम बनी हुई है ताकि अच्छा मूल्य मिले। कुछ महिलाओं को समूह बनाकर भी कंपोस्ट खाद उत्पादन के जरिए आगे बढ़ाने का काम किया है। वह कहती हैं कि यह ऐसा काम है कि गांव की महिलाएं बिना किसी बड़े बजट के ही आर्थिक स्वावलंबी बन सकती हैं।