गुजरात : मर गई इंसानियत! पिता को भर्ती कराने के लिए 4 हॉस्पिटल्स भटका बेटा, बाइक से ले जाना पड़ा
अहमदाबाद: राज्य में कोरोना को लेकर सबसे बुरी हालत अहमदाबाद शहर की है। शहर में कोरोना वारियर्स के रूप में काम करने वाले पुलिसकर्मी भी संक्रमित हो रहे हैं। पुलिसकर्मी का बेटा पिता को लेकर चार हॉस्पिटल्स में गया। फिर भी वह अपने पिता को नहीं बचा पाया।
मृतक पुलिसकर्मी के बेटे ने हॉस्पिटल् प्रबंधन पर अमानवीयता का आरोप लगाया है। उसने बताया कि पिता की हालत खराब होने पर 108 को फोन किया गया, तो वह नहीं आई। जिससे पिता को वह बाइक पर अस्पताल ले गया। रिपोर्ट आने के बाद वह पिता को भर्ती कराने के लिए चार हॉस्पिटल्स में गया। दस घंटों के बाद हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। साथ में पीआई के होने के बाद भी हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा मनमानी की गई।
मृतक पुलिसकर्मी के बेटे पार्थ ठाकोर का कहना है कि 23 मई को उसने अपने पापा को शेल्बी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां 28 मई को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। घर आने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी, तो फिर शेल्बी हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां 3 घंटे हमें बिठाए रखा। हमारे साथ पीआई भी थे, उन्होंने भी प्रबंधन से बात की, आखिर हमें इंकार कर दिया। इसके बाद हमें एलपी हॉस्पिटल गए। वहां एक्सरे के लिए कहा। जांच के बाद हमें कहा गया कि हम इस तरह के केस नहीं लेते। यहां भी 3 घंटे लग गए। इसके बाद एसवीपी हॉस्पिटल जाने के लिए 108 को फोन किया, पर वाहन नहीं पहुंचने पर पापा को बाइक से ले गया। वहां भी जगह नहीं होने के कारण हमें वापस कर दिया गया। वहां हमें सिविल अस्पताल जाने के लिए कहा गया। सिविल में भर्ती के बाद इलाज के दौरान पापा की मौत हो गई।