रुहेलखंड विवि की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने विश्व पर्यावरण दिवस पर कोरोना महामारी का पर्यावरण संपदा पर प्रभाव को लेकर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला ने की। जबकि रमन मैग्सेसे अवार्डी जल पुरुष राजेंद्र सिंह बतौर मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम में राजेंद्र सिंह ने कहा कि हम प्राकृतिक संपदा को नष्ट करते जा रहे हैं। उन्होंने गांव की माटी, गांव का पानी, गांव में बने गोबर की खाद का जिक्र करते हुए ग्रामीण जीवन शैली को सर्वोत्तम बताया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना ग्रामीण स्तर पर जैव विविधता संबंधी आंकड़े जुटाने का प्रयास करे। जिससे राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा पोषण पाठ्यक्रम संचालित किया जा सकता है। इस कार्यक्रम से हर गांव को रिसोर्स मैपिंग से संपन्न बनाने की कोशिश की जाएगी। कुलपति अनिल शुक्ल ने जल पुरुष राजेंद्र सिंह के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालने हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि लॉक डाउन से शहरों में प्रदूषण का स्तर 50 फीसदी से कम हो गया है। देश की नदियां स्वच्छ हो चुकी हैं। क्षेत्रीय निदेशक अशोक श्रोती ने मुख्य अतिथि के सुझाव का अनुपालन करने निर्देश दिए। अंत में डॉ. सोमपाल सिंह ने सभी अतिथियों, कार्यक्रम अधिकारीयों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।