
अलीगढ़ सहित प्रदेश भर के रोडवेज कर्मी रहे हड़ताल पर – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – उ0प्र0 परिवहन निगम के नियमित, संविदा व आउटसोर्स सहित सभी संवर्गों के कर्मचारी सात दिसंबर को अलीगढ़ सहित प्रदेश भर के सभी 20 परिक्षेत्रों में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंडल अध्यक्ष मुनेंद्र पाल सिंह ने बताया कि कोविड-19 सहित देश व प्रदेश में उत्पन्न किसी भी आकस्मिक आपदा के समय शासन के एक निर्देश पर परिवहन निगम कर्मियों ने बिना अपनी जान की परवाह किए सेवाएं दे कर सरकार का नाम रोशन किया है। मगर, कर्मचारियों की ज्वलंत व न्यायोचित मांगों को शासन व निगम प्रबंधन द्वारा अनदेखी कर लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। कर्मचारी अब अपनी मांगो की पूर्ति तक निर्णायक लड़ाई लड़ने का मन बना चुका है। उप्र परिवहन निगम के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की बकाया 6 किस्तों का भुगतान न करने, 31 दिसंबर 2001 तक नियुक्त संविदा चालकों-परिचालकों व दैनिक वेतन भोगी कर्मियों का नियमितीकरण न करने, वेतन विसंगतियां दूर न करने, मृतक आश्रितों की नियुक्ति न करने, आउटसोर्स कर्मियों का पारिश्रमिक न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अनुसार भुगतान न करने, नई बसें क्रय न करने, मार्गों के राष्ट्रीयकरण के निगम के प्रस्ताव पर निर्णय न करने, प्रदेश के बाहर तैनात कार्मिकों का मकान किराया भत्ता पुनरीक्षित न करने, सेवानिवृत्त उपरांत चिकित्सा सुविधा न देने, अनुचित डीजल रिकवरी व वेतन कटौती करने, स्पेयर पार्ट्स की कमी दूर न करने, डग्गामारी बंद न कराने एवं संविदा चालकों-परिचालकों के चरणबद्ध नियमितीकरण की योजना न बनाने, बाजार महंगाई के दृष्टिगत पारिश्रमिक में हर वर्ष निश्चित वृद्धि न करने आदि लंबित मांगों पर निर्णय न होने पर गंभीर असंतोष व अक्रोश है। निर्णय लिया गया कि यदि लंबित समस्याओं को शासन व निगम प्रबन्धन लगातार आगे भी लटकाया तो सभी परिक्षेत्रों में विशाल धरना प्रर्दशन के बाद और तीव्र संघर्ष होगा।