
पूरे दिन प्रशिक्षण फिर भी भोजन न भत्ता,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ में रोष
~पोषण ट्रैकर एप के मास्टर ट्रेनरों को सिर्फ कराया जलपान दिखा आक्रोश जिम्मेदारों ने अनसुना किया विरोध~
एटा: बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में पोषण मिशन को प्रभावी बनाने पर जोर है। वहीं दूसरी ओर व्यवस्थाएं कमजोर हैं। शनिवार को मुख्यालय पर विकास भवन में पोषण ट्रैकर एप के मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण में यही हाल दिखा। साढ़े छह घंटे के प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर बनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भोजन तक नहीं दिया गया। सिर्फ जलपान करा कर इतिश्री कर ली।
विभाग द्वारा पोषण कार्यक्रम को प्रभावी तथा पारदर्शी बनाने के लिए पोषण ट्रैकर एप लांच किया गया है। संचालन के लिए प्रत्येक ब्लाक से 10-10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर बनाकर मुख्यालय स्थित विकास भवन सभागार में प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था। जिले के दूरदराज क्षेत्रों से यह मास्टर ट्रेनर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुबह 10 बजे से प्रशिक्षण में सम्मिलित हुईं। बताया गया था कि नाश्ता, भोजन तथा आने-जाने का खर्चा भी दिया जाएगा। उधर, प्रशिक्षण में दोपहर बाद तक मास्टर ट्रेनर महिलाओं के लिए चाय तक की व्यवस्था नहीं थी। इस मध्य कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू किया तो जिम्मेदारों ने दो केले तथा दो समोसे जलपान के रूप में व्यवस्था करा दी। भोजन की व्यवस्था उनके लिए नहीं की गई। उधर, कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रशिक्षण के लिए काफी बजट उपलब्ध कराया गया है, लेकिन ट्रेनिग में सुविधाएं नहीं दी जा रहीं। यही नहीं कार्यकर्ताओं का यह भी कहना था कि 100 किलोमीटर दूर तक से आने में काफी खर्चा हुआ, लेकिन विभाग ने यात्रा भत्ता तक नहीं दिया है। सब खर्चा मानदेय से ही करना मजबूरी है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रशिक्षण बजट में गोलमाल किया गया है। विभाग लगातार काम बढ़ा रहा है, लेकिन सुविधाएं कुछ भी नहीं है।