*सरकार द्वारा श्रमिकों को फ्री यात्रा के दावे हवा-हवाई*
*जुमलेबाज सरकार के एक और जुमले की खुली पोल*
दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों को सरकार भले ही फ्री यात्रा के दावे कर रही है लेकिन वास्तविकता यह है कि सरकार के दावे हवा-हवाई हैं। जब दो वक्त की रोटी के लिए श्रमिक दूसरों के सामने हाथ फैला रहे है, इस मुश्किल वक्त में भी सरकार गरीबों का खून चूसने में कोई कोर-कसर
नहीं छोड़ रही।
आज गुजरात से एटा आए श्रमिकों से जब किराए को लेकर जानकारी प्राप्त की तो सरकार के जुमलों की पोल खुल गई।
इस मुश्किल वक्त में जो गरीबों ने सहन किया है उसके लिए शायद ही गरीब जनता सरकार में बैठे नुमाइंदों को कभी माफ करे।