जिले में कोरोना के संदिग्ध मरीजों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। रोजाना बड़ी संख्या में आशंकितों के सैंपल लिए जा रहे हैं। दो दिन से सैंपल लेने का कार्य एकाएक तेज हो गया है, लेकिन, लैब से जांच रिपोर्ट मिलने में देरी कोरोना के संक्रमित मरीजों का जल्दी से पता लगाने और उनके संपर्क में आने वालों को तत्काल क्वारेंटाइन कराने की मुहिम में बाधक बन रही है।
खतरनाक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का जल्दी से जल्दी पता लगाने की जद्दोजहद तेज हुई है, लेकिन, इसके अनुरूप लैब से जांच रिपोर्ट उतनी तेजी से साथ नहीं मिलने की समस्या स्वास्थ्य विभाग के अपसरों को परेशान कर रही है। पांच दिन पहले एसजीपीजीआई, लखनऊ की लैब से सैंपलों की जांच रिपोर्ट मिलने में कुछ तेजी आई थी, लेकिन, बुधवार शाम तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई और स्वास्थ्य टीमों की तरफ से आशंकित मरीजों के सैंपल लेने में एकाएक तेजी दिखाई गई। रिपोर्ट जल्दी प्राप्त नहीं होने पर एक बार फिर पेंडेंसी काफी बढ़ जाने का अंदेशा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लगाया है।
अफसर बोले, टेस्टिंग लैब इसलिए हुई जरूरी
कोरोना के संक्रमण की समस्या शुरू होने पर लखनऊ मेडिकल कॉलेज और अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज की लैब को जिले के सैंपलों की जांच के लिए चिन्हित किया गया था, लेकिन, रिपोर्ट आने की पेंडेंसी लंबी होने के चलते फिर डॉ.राममनोहर लोहिया अस्पताल की लैब को सैंपल भेजे जाने लगे। सीएमओ डॉ.मिलिंद चंद्र गर्ग का कहना है कि वहां से भी रिपोर्ट प्राप्त होने में देरी की समस्या के चलते अब सभी सैंपल एसजीपीजीआई, लखनऊ की लैब को भेजे जा रहे हैं। शुरुआत में लैब से जांच रिपोर्ट सुचारू रूप से आई है, लेकिन, कार्य का दबाव बढ़ने के चलते देरी की समस्या कभी भी सामने आ सकती है। मुरादाबाद में ही कोरोना टेस्टिंग लैब शुरू होने के बाद ही जांच रिपोर्ट के जल्दी और सुचारू तरीके से मिलने की उम्मीद की जा सकती है। जिसके लिए कार्यवाही शुरू हो गई है।