काल का नाम ही काफी है। इन दिनों कोरोना वायरस काल का नाम सुनते ही डॉक्टरों के भी माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगती हैं। किसी से कह दिया जाए तुमको कोरोना है। वह भी रेल कंट्रोल वायरलेस से मैसेज जारी हो जाए। फिर तो उस व्यक्ति से हर कोई डरेगा।ऐसा ही रेलवे में देखने को मिला है।
गोंडा रेल गेस्ट हाउस में रुके तीन लोको पायलट में कोरोना वायरस संक्रमण की अफवाह उड़ा के चार अन्य कर्मचारियों को भी संकट में डाल दिया गया। गेस्ट हाउस के एक कर्मचारी को सस्पेंड किया गया है, जबकि जिस मालगाडी से दोनों लोको पायलट रोजा स्टेशन तक आये थे। उस मालगाडी के दोनों लोको पायलट और गार्ड का भी मेडिकल टेस्ट हुआ। हालांकि पांचों में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है। मगर पांचों कर्मचारियों को 14-14 दिन को होम क्वारन्टीन के निर्देश दिए गए हैं।
रेल सूत्रों के मुताबिक, सहायक लोको पायलट अरविंद प्रसाद, रामचन्द्र और नीरज राठौर रोजा से गोंडा तक लाइन रूट का निरीक्षण कर रहे थे। शुक्रवार को तीनों गोंडा रेस्ट हाउस में रुके थे। बताया जाता है कि नीरज राठौर के पैर में दर्द हो रहा था, उन्होंने पेन किलर खाली। जिसके बाद उन्हें नशा होने लगा। वहां के कर्मचारियों ने अफवाह उड़ा दी, नीरज राठौर को कोरोना वायरस हो गया है। उनके साथ में रामचन्द्र और अरविंद प्रसाद भी संक्रमित हो सकते हैं।
रेल कंट्रोल को सूचना मिलते ही मेडिकल टीम को गेस्ट हाउस भेज दिया गया। वहां जैसे ही एंबुलेंस पहुंची। कोरोना टेस्टिंग के डर से नीरज राठौर, रामचन्द्र और अरविंद कुमार भाग गए। रोजा स्टेशन पहुंचे तो वहां से मुरादाबाद को एक मालगाड़ी आ रही थी। उस मालगाड़ी को लोको पायलट धर्मवीर मौर्य और सहायक लोको पायलट दीपक कुशवाह लेकर आ रहे थे। गार्ड आरके चौरसिया थे। गेस्ट हाउस से अरविंद और नीरज राठौर के फरार होने की सूचना पर कंट्रोल से मैसेज जारी हुआ। मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है। दोनों लोको पायलट मालगाड़ी से ही आएंगे।
अरविंद, रामचन्द्र और नीरज राठौर में कोरोना संक्रमण है। उनको साथ न लेकर आएं। मेडिकल टीम से बचते तीनों गोंडा स्टेशन पहुंच गए। रामचन्द्र, अरविंद और नीरज राठौर को देखते ही गार्ड ने अपनी केबिन को अंदर से बंद कर लिया। लोको पायलट ने भी अपने रेल इंजन के गेट अंदर से बंद कर लिये। फिर भी रामचन्द्र, अरविंद और नीरज गार्ड केबिन के बाहर वाले हिस्से में बैठकर रोजा तक आए।
रोजा आने से पहले ही गार्ड ने कंट्रोल को भागने वाले तीनों कर्मचारियों के बारे में सूचना दे दी। शनिवार की सुबह साढ़े पांच बजे रोजा स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आने से पहले ही मालगाड़ी को रेड सिग्नल देकर रोक दिया गया। सहायक लोको पायलट, अरविंद, रामचंद्र और नीरज, मालगाड़ी चलाने वाले लोको पायलट धर्मवीर मौर्य, सहायक लोको पायलट दीपक कुशवाह और गार्ड आरके चौरसिया को भी गाड़ी से उतार लिया गया।
चिकित्सा अधिकारी (रोजा हेल्थ) यूनिट डॉक्टर संजय राय, रामानंद यादव और किशन कुमार ने मालगाड़ी में सवार सभी रेल कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग की। जिसमें कोरोना की पुष्टि नहीं हुई। इसकी सूचना मंडल ऑफिस को दी गई। किसी रेल कर्मचारियों में कोरोना का संक्रमण नहीं है। फिर भी एहतियात के तौर पर रोजा से ही 14-14 दिन की छुट्टी पर भेज दिया गया। होम क्वारन्टीन निर्देश दिए गए हैं।
दूसरे लोको पायलट की ड्यूटी लगाकर गाड़ी को मुरादाबाद भेजा गया। वही गेस्ट हाउस के एक कर्मचारी को इस बात पर सस्पेंड कर दिया गया कि जब उसे पता चल गया था कि नीरज राठौर में कोरोना संक्रमण के लक्षण हैं तो उनको चादर क्यों दी गई। इस लापरवाही में उसे सस्पेंड कर दिया गया।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय राय का कहना है, गोंडा से आने वाली मालगाड़ी में 6 कर्मचारी थे। जिनमें लोको पायलट, सहायक लोको पायलट,गार्ड सवार थे। सभी का मेडिकल टेस्ट हुआ।जिसमें किसी भी कर्मचारी में कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं पाई गई है। फिर भी एहतियातन 14-14 दिन को होम क्वारन्टीन किये गए हैं।