
बरेली। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप फोन उठाने गए और भूल गए कि क्यों उठाया था? या किसी से बात करते-करते अचानक सही शब्द ही याद नहीं आ रहा? अगर हां, तो इसे सिर्फ सामान्य भूलक्कड़पन समझकर नजरअंदाज न करें—यह ‘ब्रेन फॉग’ (Brain Fog)
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्रेन फॉग कोई मेडिकल बीमारी या क्लिनिकल डायग्नोसिस नहीं है। यह मानसिक भ्रम (mental confusion), थकान और स्पष्ट रूप से न सोच पाने की एक स्थिति है।
इसमें आपको महसूस हो सकता है कि आपका दिमाग पहले जितनी तेजी से काम नहीं कर रहा है। एकाग्रता में कमी, हाल ही में पढ़ी हुई बात भूल जाना और मल्टीटास्किंग करने में परेशानी होना इसके आम लक्षण हैं।”
यह डिमेंशिया से कैसे अलग है?
कई बार लोग इसे डिमेंशिया समझकर डर जाते हैं। लेकिन ब्रेन फॉग डिमेंशिया नहीं है। डिमेंशिया में दिमाग के काम करने की क्षमता धीरे-धीरे पूरी तरह घटने लगती है, जबकि ब्रेन फॉग आमतौर पर थकान, तनाव, नींद की कमी, दर्द या किसी बीमारी के बाद की कमजोरी की वजह से होता है।”
“डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
कभी-कभार चाबी या किसी का नाम भूलना सामान्य है। लेकिन अगर:
भूलने की समस्या लगातार बढ़ रही है,
रोजमर्रा के कामकाज और बातचीत समझने में दिक्कत आ रही है,
या आपके परिवार के लोग भी आपके व्यवहार में यह बदलाव नोटिस कर रहे हैं…
तो देर न करें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच कराएं।